नवरोज़ मुबारक: नए साल की नई रोशनी!” ✨
नवरोज़ पारसी और ईरानी समुदाय का नववर्ष है, जिसे वसंत के आगमन के रूप में मनाया जाता है। यह फ़ारसी कैलेंडर के अनुसार वर्ष का पहला दिन होता है और आमतौर पर 20 या 21 मार्च को पड़ता है।

नवरोज़ का महत्व
इसे पारसी समुदाय के साथ-साथ कई अन्य संस्कृतियों में भी मनाया जाता है।
यह फसल, उर्वरता और नई शुरुआत का प्रतीक है।
इस दिन लोग घर की सफाई, विशेष पकवान, प्रार्थना और समाज सेवा करते हैं।
पारसी धर्म में इसे अहुरा मज़्दा (ईश्वर) के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का दिन माना जाता है।
भारत में, नवरोज़ को पारसी समुदाय बड़े उत्साह के साथ मनाता है और यह राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक भी है।
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