
‘फिरे शिव के करनमा…’ में गूंजती है पार्वती की तपस्या, मैथिली लोकगीत में छिपी है त्याग और प्रेम की मार्मिक कथा
दरभंगा, बिहार मिथिलांचल की लोक परंपरा में भगवान शिव और माता पार्वती के प्रेम तथा भक्ति का वर्णन बेहद भावनात्मक तरीके से किया जाता है। मैथिली लोकसंगीत की नचारी और महेशवाणी विधाओं में शिव-पार्वती से जुड़ी कई कथाएं लोकगीतों के रूप में पीढ़ियों से सुनाई और गाई जाती रही हैं। इन्हीं में एक मार्मिक लोकगीत








