सनातन धर्म में सूर्य भगवान को प्रत्यक्ष देवता माना गया है। वे प्रकाश, ऊर्जा, स्वास्थ्य और जीवन के मूल आधार हैं। वेदों और पुराणों में सूर्य की उपासना को अत्यंत फलदायी बताया गया है। सूर्य भगवान के 12 नाम उनके विभिन्न रूपों, गुणों और शक्तियों को दर्शाते हैं।
सूर्य भगवान के 12 दिव्य नाम
1. दिनकर – जो दिन का निर्माण करते हैं
2. रवि – प्रकाश और तेज के प्रतीक
3. सप्त रथी – सात घोड़ों वाले रथ पर सवार
4. आदिदेव – सभी देवताओं के मूल स्रोत
5. दिवाकर – अंधकार का नाश करने वाले
6. भानु – प्रकाश और ज्ञान देने वाले
7. सूर्य – संपूर्ण सृष्टि को ऊर्जा देने वाले
8. सविता – सृजन और जीवनदाता
9. प्रभाकर – प्रभा (रोशनी) उत्पन्न करने वाले
10. भुवनेश्वर – तीनों लोकों के स्वामी
11. अर्क – रोगों का नाश करने वाले
12. खग – आकाश में विचरण करने वाले
सूर्य के 12 नामों के जाप का महत्व
स्वास्थ्य और रोगों से मुक्ति
आत्मबल और आत्मविश्वास में वृद्धि
कुंडली में सूर्य दोष से राहत
मान-सम्मान और यश की प्राप्ति
नकारात्मक शक्तियों से रक्षा
सूर्य उपासना का श्रेष्ठ समय
प्रतिदिन सूर्योदय के समय तांबे के पात्र से जल अर्पित कर सूर्य के इन 12 नामों का स्मरण करना अत्यंत फलदायी माना गया है।
सूर्य भगवान के ये 12 नाम केवल शब्द नहीं, बल्कि ऊर्जा, तेज और जीवन का सार हैं। इनके नियमित जाप से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन निश्चित होता है।












