बहस के दौरान भड़की आग: CISF हेड कांस्टेबल द्वारा चलाई गोली,
17 साल के लड़के की मौत
नई दिल्ली में पिछले कई घंटों से चल रही तनावपूर्ण स्थिति सोमवार को एक दर्दनाक घटना में बदल गई जब एक 17-वर्षीय किशोर की गोली लगने से मौत हो गई। मामले में आरोपी के रूप में एक CISF हेड-कांस्टेबल को चिन्हित किया गया है। घटना उस समय हुई जब दोनों के बीच किसी बात पर बहस हो गई थी। विवाद बढ़ते ही CISF अधिकारी ने फायरिंग कर दी, जिससे किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर घटनास्थल पर पहुँची। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल की ओर भागे, लेकिन किशोर को बचाया नहीं जा सका। इस घटना ने इलाके में भय और आक्रोश दोनों फैला दिए। कई नागरिकों ने सुरक्षा बल और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि एक सुरक्षा अधिकारी द्वारा गोली चलाए जाना चिंता का विषय हो गया है।
घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक बयान में आरोपी CISF हेड-कांस्टेबल ने कहा है कि वह किशोर द्वारा की गई “ provocation / अभद्रता ” के बाद आत्मरक्षा में फायर करने का दावा कर रहा है। हालांकि, आत्मरक्षा के दावे की समीक्षा के लिए वीडियो फुटेज, गवाहों के बयानों और फोरेंसिक टेस्ट्स पर निर्भर होगी।
किशोर के परिवार और स्थानीय लोग न्याय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि गनपॉइंट पर हत्या पूरी तरह से गैरकानूनी है। कुछ सामाजिक संगठन भी मामले की सीबीआई या किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी निष्कर्ष सामने आए।
यह घटना एक बार फिर इस बात को उजागर करती है कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा बलों की जवाबदेही कितनी अहम है — अगर एक कम-उम्र व्यक्ति की जान सुरक्षा कर्मी की गोली से चली जाती है, तो समाज और सिस्टम दोनों के लिए बड़ा सवाल खड़ा हो जाता है।












