न्यायालयों पर बोझ बढ़ा: मामलों की लंबित सूची चिंताजनक स्तर पर
भारतीय न्याय व्यवस्था भारी बैकलॉग से जूझ रही है: कुल मिलाकर लगभग 5.50 करोड़ मुकदमे विभिन्न अदालतों में निस्तारित होने का इंतजार कर रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक़ सर्वोच्च न्यायालय में करीब 90,000 मामले लंबित हैं, जबकि देश की 25 उच्च न्यायालयों में कुल 63 लाख प्रकरण दर्ज हैं। बाकी लगभग 4.86 करोड़ मामले जिला-स्तरीय…