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US-Iran Tension: खामेनेई ने दिया एकता का संदेश, कहा- दुश्मन की साजिशों के खिलाफ मजबूती से खड़ा रहे ईरान

तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनावपूर्ण माहौल के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने देशवासियों के नाम एक महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है। इमाम खुमैनी की 37वीं पुण्यतिथि पर आयोजित समारोह में पढ़े गए इस संदेश में उन्होंने राष्ट्रीय एकता, दृढ़ता और बाहरी चुनौतियों का सामूहिक रूप से सामना करने की जरूरत पर जोर दिया।

खामेनेई का यह संदेश ऐसे समय सामने आया है जब तेहरान और वाशिंगटन के बीच कूटनीतिक रिश्तों में खींचतान बनी हुई है। दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद कायम हैं और क्षेत्रीय तनाव भी लगातार चर्चा में बना हुआ है।

देशवासियों से एकजुट रहने की अपील

अपने संदेश में खामेनेई ने कहा कि ईरानी जनता को धैर्य, दूरदर्शिता और आपसी विश्वास बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के खिलाफ रची जा रही योजनाओं और दबावों का मुकाबला केवल राष्ट्रीय एकता के जरिए ही किया जा सकता है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे विरोधियों के प्रचार से प्रभावित न हों और देश के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। खामेनेई ने कहा कि ईरान ने अतीत में भी कई कठिन चुनौतियों का सामना किया है और आगे भी मजबूती से आगे बढ़ेगा।

इमाम खुमैनी की विचारधारा का किया उल्लेख

संदेश में खामेनेई ने इस्लामी गणराज्य के संस्थापक इमाम खुमैनी की विरासत को याद करते हुए कहा कि उनकी सोच आज भी ईरान की राजनीतिक और सामाजिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

उन्होंने कहा कि ईरानी राष्ट्र ने वर्षों के संघर्ष और प्रतिबंधों के बावजूद अपनी स्वतंत्र पहचान कायम रखी है और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।

इजराइल पर साधा निशाना

खामेनेई ने अपने संदेश में इजराइल को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मौजूदा परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और भविष्य में बड़े राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

हालांकि, उनके इस बयान को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह टिप्पणी पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक भू-राजनीतिक संघर्षों के संदर्भ में की गई है।

अमेरिका के साथ जारी है कूटनीतिक गतिरोध

इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच कई दौर की बातचीत के बावजूद महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी है। आर्थिक प्रतिबंध, जमी हुई संपत्तियां और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े सवाल दोनों देशों के बीच प्रमुख विवाद के विषय बने हुए हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, ईरान बातचीत में आगे बढ़ने से पहले अपनी फ्रीज की गई संपत्तियों तक पहुंच चाहता है, जबकि अमेरिका इस मुद्दे पर सख्त और सतर्क रुख बनाए हुए है।

ट्रंप के बयान से बढ़ी चर्चा

अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगियों से कहा है कि यदि अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ किसी हमले में ईरान की सीधी भूमिका सामने आती है तो अमेरिका अपनी नीति की समीक्षा कर सकता है।

हालांकि, रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि व्हाइट हाउस व्यापक युद्ध से बचने का पक्षधर है और किसी बड़े सैन्य संघर्ष के बजाय कूटनीतिक विकल्पों को प्राथमिकता देना चाहता है।

वैश्विक राजनीति पर पड़ सकता है असर

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच संबंधों का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। इसका प्रभाव वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार, क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर भी पड़ता है।

ऐसे में खामेनेई का यह संदेश न केवल घरेलू राजनीतिक महत्व रखता है, बल्कि इसे पश्चिम एशिया की मौजूदा परिस्थितियों और वैश्विक शक्ति संतुलन के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के रिश्ते किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।

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