राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार और राम मंदिर ट्रस्ट को निशाने पर लेते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मुख्य आरोपी अभी भी ट्रस्ट से जुड़े हुए हैं और उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में संजय राउत ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा मामले में आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बावजूद मुख्य आरोपी अब भी खुलेआम काम कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित घोटाले का पैसा राजनीतिक गतिविधियों में इस्तेमाल किया गया। उन्होंने दावा किया कि इसी धन का उपयोग सांसदों की खरीद-फरोख्त और विपक्षी दलों को कमजोर करने के लिए किया गया।
राउत ने आरोप लगाया कि कथित तौर पर राम मंदिर से जुड़े 2000 करोड़ रुपये का इस्तेमाल तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों को तोड़ने के लिए किया गया। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।
शिवसेना को लेकर भी उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। राउत ने कहा कि शिवसेना उनकी पार्टी है और इसे सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समर्थन से उनसे छीना गया। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि राजनीतिक विरोधी अपनी अलग पार्टी और चुनाव चिह्न के साथ चुनाव लड़कर जनता का सामना करें।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि पार्टी के अधिकांश कार्यकर्ता आज भी शिवसेना (यूबीटी) के साथ हैं। उनके अनुसार, गिने-चुने नेता भले ही अलग हो गए हों, लेकिन वफादार शिवसैनिक अब भी उनके साथ मजबूती से खड़े हैं।












