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कंपनी बंद या दिवालिया होने पर भी कर्मचारियों को मिलेगा पूरा PF और ग्रेच्युटी, जेट एयरवेज मामले में NCLAT का बड़ा फैसला

दिवालिया कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई कंपनी अपने कर्मचारियों के लिए अलग से भविष्य निधि (PF) और ग्रेच्युटी फंड का रखरखाव नहीं करती है, तब भी कंपनी के बंद होने या दिवालिया होने की स्थिति में कर्मचारियों को उनका पूरा PF और ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाएगा। यह फैसला कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

यह फैसला जेट एयरवेज के दिवालिया होने से जुड़े मामले में आया है। जेट एयरवेज के सैकड़ों पूर्व कर्मचारियों ने दावा किया था कि उन्हें उनके PF और ग्रेच्युटी का पूरा भुगतान मिलना चाहिए। इस मामले में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) सहित कई वित्तीय लेनदारों ने अपील दायर करते हुए कहा था कि इन देनदारियों को कंपनी की लिक्विडेशन एस्टेट का हिस्सा माना जाए। हालांकि, NCLAT ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया और कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाया।

ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि और ग्रेच्युटी जैसे वैधानिक लाभ कर्मचारियों का कानूनी अधिकार हैं। इन्हें कंपनी की परिसंपत्तियों के साथ जोड़कर वित्तीय लेनदारों के दावों का हिस्सा नहीं बनाया जा सकता। यदि कंपनी ने अलग फंड नहीं बनाया है, तब भी कर्मचारियों के इन अधिकारों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और उन्हें पूरा भुगतान किया जाएगा।

इस फैसले से स्पष्ट हो गया है कि दिवालिया प्रक्रिया के दौरान भी कर्मचारियों के वैधानिक अधिकार सुरक्षित रहेंगे। इससे उन हजारों कर्मचारियों को राहत मिलेगी जो किसी कंपनी के आर्थिक संकट या बंद होने की वजह से अपने बकाया PF और ग्रेच्युटी को लेकर चिंतित रहते हैं।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय भविष्य में आने वाले दिवालिया मामलों के लिए भी एक महत्वपूर्ण मिसाल बनेगा। इससे कंपनियों पर कर्मचारियों के वैधानिक लाभों का सम्मान करने का दबाव बढ़ेगा और दिवालिया प्रक्रिया में कर्मचारियों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी। जेट एयरवेज मामले में आया यह फैसला कर्मचारियों के अधिकारों को प्राथमिकता देने वाला एक ऐतिहासिक निर्णय माना जा रहा है।

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