नई दिल्ली: चर्चित राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। मेघालय सरकार ने हाई कोर्ट द्वारा दी गई जमानत को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की पीठ ने सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट के आदेश पर प्रारंभिक तौर पर कुछ सवाल जरूर उठाए, लेकिन यह भी कहा कि सोनम पहले ही जेल से रिहा हो चुकी हैं और ट्रायल कोर्ट की शर्तों के अनुसार शिलांग में रह रही हैं। ऐसे में फिलहाल उनकी जमानत पर रोक लगाने का आदेश नहीं दिया गया।
मेघालय सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि ट्रायल कोर्ट और निचली अदालतों ने पहले तीन बार सोनम की जमानत याचिका खारिज की थी। उनका कहना था कि आरोपी के फरार होने, गवाहों को प्रभावित करने और सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका बनी हुई है।
दूसरी ओर, हाई कोर्ट ने जमानत देते समय गिरफ्तारी प्रक्रिया में हुई एक गंभीर तकनीकी त्रुटि को आधार बनाया था। रिकॉर्ड के अनुसार, सोनम को गिरफ्तारी का कारण बताते समय भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या संबंधी धारा 103 के बजाय ऐसी धारा का उल्लेख किया गया, जो लागू ही नहीं थी। अदालत ने माना कि गिरफ्तारी से जुड़े कई दस्तावेजों में यही त्रुटि दोहराई गई, जिससे आरोपी को उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों की सही जानकारी नहीं दी गई।
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल जमानत पर रोक लगाने से इनकार किया है, लेकिन मामले की सुनवाई जारी रहेगी। राजा रघुवंशी की हत्या से जुड़े इस चर्चित मामले में अंतिम फैसला ट्रायल और आगे की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।











