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बंगाल चुनाव के दौरान निर्वाचन आयोग के खिलाफ हाई कोर्ट में दायर हुईं 110 याचिकाएं, सभी मामलों में आयोग को मिली राहत

कोलकाता, पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान निर्वाचन आयोग (ईसी) के खिलाफ कलकत्ता हाई कोर्ट में कुल 110 याचिकाएं दायर की गईं। हालांकि, चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामने आए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अदालत ने किसी भी मामले में आयोग के खिलाफ प्रतिकूल आदेश नहीं दिया और उसके फैसलों को बरकरार रखा।

जानकारी के मुताबिक, 15 मार्च को विधानसभा चुनाव की घोषणा से लेकर पूरी चुनावी प्रक्रिया समाप्त होने तक निर्वाचन आयोग के विभिन्न फैसलों को चुनौती देते हुए ये याचिकाएं दायर की गई थीं। चुनाव के दौरान आयोग को कई कानूनी चुनौतियों और राजनीतिक आरोपों का सामना करना पड़ा, लेकिन सभी मामलों में न्यायालय ने आयोग के निर्णयों पर भरोसा जताया।

इस विधानसभा चुनाव में राज्य में अप्रैल महीने के दौरान दो चरणों में मतदान कराया गया। चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तृणमूल कांग्रेस के 15 वर्षों के शासन का अंत करते हुए पहली बार राज्य में सरकार बनाई। चुनावी प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक माहौल काफी गर्म रहा और निर्वाचन आयोग की भूमिका लगातार चर्चा का विषय बनी रही।

चुनाव के दौरान तत्कालीन सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और निर्वाचन आयोग के बीच कई मुद्दों को लेकर मतभेद देखने को मिले। विपक्षी दलों ने भी आयोग पर निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए और भाजपा के पक्ष में काम करने के आरोप लगाए। हालांकि आयोग ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि पूरी चुनाव प्रक्रिया संवैधानिक प्रावधानों और तय नियमों के अनुसार संचालित की गई।

चुनाव आयोग से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार, सभी 110 मामलों की सुनवाई के दौरान अदालत ने आयोग के किसी भी फैसले को गलत नहीं माना। इससे चुनाव प्रक्रिया की वैधानिकता और आयोग की कार्यप्रणाली को न्यायिक स्तर पर समर्थन मिला। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अदालत का यह रुख भविष्य में चुनावी विवादों और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जाएगा।

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