मुंबई, महाराष्ट्र

पंजाबी अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलज’ (Satluj) एक बार फिर चर्चा में है। पहले ‘पंजाब 95’ नाम से बनाई गई इस फिल्म को भारत में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से प्रमाणपत्र नहीं मिलने के कारण सिनेमाघरों में रिलीज नहीं किया जा सका था। हाल ही में फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर उपलब्ध कराया गया, लेकिन कुछ ही दिनों बाद इसे भारत में प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया, जिससे विवाद और गहरा गया।
फिल्म की कहानी मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित बताई जाती है। खालड़ा ने 1980 और 1990 के दशक में पंजाब में उग्रवाद के दौर के दौरान कथित फर्जी मुठभेड़ों और अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार से जुड़े मामलों को उजागर किया था। यही विषय फिल्म के विवाद का मुख्य कारण माना जा रहा है।
रिपोर्टों के अनुसार, फिल्म को पहले ‘पंजाब 95’ शीर्षक के साथ प्रस्तुत किया गया था। बाद में इसका नाम बदलकर ‘सतलज’ रखा गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीबीएफसी ने फिल्म में कई संशोधनों का सुझाव दिया था, लेकिन इन बदलावों को लेकर सहमति नहीं बन सकी। इसी कारण फिल्म को भारत में प्रमाणन नहीं मिल पाया और इसकी थिएटर रिलीज अटक गई।
हालांकि हाल ही में फिल्म सीमित रूप से ओटीटी पर उपलब्ध हुई, लेकिन कुछ ही समय बाद भारतीय दर्शकों के लिए इसे हटा दिया गया। इस संबंध में प्लेटफॉर्म की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
फिल्म को लेकर समर्थकों का कहना है कि यह एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना पर आधारित कहानी है, जबकि आलोचकों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील विषयों को प्रस्तुत करते समय कानूनी और सामाजिक पहलुओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। फिलहाल भारत में फिल्म की रिलीज को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।












