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‘पंचायत’ का वायरल गाना ‘ऐ राजा जी’ नहीं, बिहार का सदियों पुराना लोकगीत है, जानिए इसका इतिहास

पटना, बिहार

वेब सीरीज ‘पंचायत’ में सुनाई देने वाला लोकप्रिय गीत ‘ऐ राजा जी’ दर्शकों के बीच काफी पसंद किया गया। सोशल मीडिया पर यह गाना लंबे समय तक ट्रेंड करता रहा और कई लोगों ने इसे पंचायत सीरीज का मूल गीत समझ लिया। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि ‘ऐ राजा जी’ वास्तव में बिहार का एक पारंपरिक लोकगीत है, जो वर्षों से लोक संस्कृति का हिस्सा रहा है।

लोक संस्कृति के जानकारों के अनुसार, ‘ऐ राजा जी’ बिहार के ग्रामीण इलाकों में पीढ़ियों से गाया जाने वाला लोकगीत है। यह गीत विशेष रूप से महिलाओं द्वारा विभिन्न पारंपरिक अवसरों पर गाया जाता रहा है। इसकी धुन और बोल लोक जीवन, पारिवारिक रिश्तों और ग्रामीण संस्कृति की झलक प्रस्तुत करते हैं।

यह लोकगीत केवल बिहार तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में भी काफी लोकप्रिय है। विवाह, पारिवारिक समारोह और अन्य सांस्कृतिक आयोजनों में महिलाएं इसे समूह में गाती हैं। कई स्थानों पर इसे सोहर और अन्य लोकगीतों की परंपरा के साथ भी जोड़ा जाता है।

‘पंचायत’ वेब सीरीज में इस लोकधुन के इस्तेमाल के बाद यह गीत नई पीढ़ी तक पहुंचा और देशभर में इसकी लोकप्रियता बढ़ गई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस गीत के कई वीडियो और रील्स वायरल हुए, जिससे लोकसंगीत को एक नया मंच मिला।

लोक कलाकारों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और फिल्मों के माध्यम से पारंपरिक लोकगीतों को नई पहचान मिल रही है। ऐसे गीत न केवल मनोरंजन का माध्यम हैं, बल्कि किसी क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं को भी जीवित रखने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। ‘ऐ राजा जी’ भी बिहार की समृद्ध लोकसंगीत परंपरा का ऐसा ही एक उदाहरण है, जिसे आज देशभर में नई पहचान मिल रही है।

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