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एसटीएमए द्वारा गया कॉलेज में एमएसएमई प्रशिक्षण एवं उद्यमी सम्मेलन का आयोजन सम्पन्न।

एमएसएमई जागरूकता कार्यशाला और संगोष्ठी: गया कॉलेज में STMA का वार्षिक दिवस सफलतापूर्वक सम्पन्न

गया, 5 सितम्बर 2025 — स्ट्रैटेजिक ट्रेनर्स एंड मेंटर्स एसोसिएशन (STMA) ने अपना वार्षिक दिवस गया कॉलेज, गया में एमएसएमई कॉम्पिटिटिव लीन स्कीम (MCLS) पर आधारित जागरूकता कार्यशाला के रूप में आयोजित किया। इस अवसर पर ‘विकसित भारत के लिए उद्यमिता और एमएसएमई विकास को बढ़ावा’ विषय पर एक संगोष्ठी भी आयोजित की गई, जिसने प्रतिभागियों और वक्ताओं को एक साझा मंच पर उद्यमिता के अवसरों और चुनौतियों पर विचार साझा करने का अवसर प्रदान किया।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण :

  • संगोष्ठी में गया के प्रतिष्ठित उद्योगपतियों ने सहभागिता की:

    • श्री प्रमोद भदानी, प्रबंध निदेशक, प्रमोद फूड्स एंड कन्फेक्शनरी प्रा. लि.

    • श्री अनुराग पोद्दार, प्रबंध निदेशक, पोद्दार सॉल्यूशंस

    • श्री प्रेम नारायण पटवा, उपाध्यक्ष, बीआईए

????️ उद्योगपतियों के प्रेरणादायक विचार:

  • श्री प्रमोद भदानी ने एक फूड कार्ट से लेकर बिहार की प्रमुख खाद्य श्रृंखला स्थापित करने की प्रेरक यात्रा साझा की। उन्होंने व्यवसाय के तीन प्रमुख मंत्र दिए:

    1. बेहतर उत्पाद है तो प्रीमियम मूल्य संभव है।

    2. आपूर्तिकर्ताओं से संबंध सदैव मजबूत रखें।

    3. ग्राहकों को उनके पैसे का पूरा मूल्य दें।


???? तकनीकी सत्र और विशेषज्ञ प्रशिक्षण:

  • एमसीएलएस योजना पर मुख्य प्रशिक्षण STMA निदेशक एवं मुख्य आयोजक श्री संजय कुमार द्वारा प्रदान किया गया।

  • मुख्य भाषण STMA निदेशक श्री मणि किशोर दास द्वारा दिया गया।

  • STMA के निदेशक डॉ. ए. के. वर्मा और डॉ. नीलेश नारायण ने उद्यमियों के लिए विपणन और वित्तीय रणनीतियों पर उपयोगी जानकारी साझा की।


????️ संस्थान का योगदान:

  • अध्यक्षीय भाषण गया कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सतीश सिंह चंद्रा ने दिया।

  • धन्यवाद ज्ञापन रोटेरियन श्री पी. पी. चखैयार ने किया।

  • इस अवसर पर गया कॉलेज के आईक्यूएसी प्रभारी श्री अरुण कुमार गर्ग, प्रो. के. ए. नारायण और प्रो. सुजीत पाठक ने भी अपने विचार साझा किए।


यह आयोजन एमएसएमई क्षेत्र के विकास, स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहन, और युवाओं को जागरूक एवं प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा। STMA द्वारा इस तरह के कार्यक्रम भविष्य में भी ‘विकसित भारत’ के निर्माण में सहयोगी सिद्ध होंगे।

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