शिक्षक दिवस पर सांसद प्रवीण खंडेलवाल की पहल, चाँदनी चौक की ऐतिहासिक लाइब्रेरी में “पुस्तकालय पुनर्जागरण” का शुभारंभ
शिक्षक दिवस के अवसर पर ज्ञान, विरासत और समुदाय को जोड़ने वाली एक ऐतिहासिक पहल की शुरुआत होने जा रही है। सांसद प्रवीण खंडेलवाल कल चाँदनी चौक स्थित हर्दयाल म्यूनिसिपल हेरिटेज पब्लिक लाइब्रेरी में “पुस्तकालय पुनर्जागरण” कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। यह पहल न केवल किताबों और पाठकों के बीच की दूरी को कम करेगी बल्कि आने वाली पीढ़ियों को ज्ञान से जोड़ने का एक नया अध्याय भी लिखेगी।
हर्दयाल म्यूनिसिपल हेरिटेज पब्लिक लाइब्रेरी चाँदनी चौक की ऐतिहासिक धरोहरों में से एक है। लंबे समय से यह लाइब्रेरी विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और साहित्य प्रेमियों के लिए ज्ञान का प्रमुख केंद्र रही है। अब “पुस्तकालय पुनर्जागरण” कार्यक्रम इसे और अधिक सशक्त एवं आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।
इस पहल के अंतर्गत शुरुआत में 100 से अधिक शिक्षक और छात्र पुस्तकालय से जुड़ेंगे, ताकि पुस्तकालय को शिक्षा और सामाजिक संवाद का सक्रिय मंच बनाया जा सके। कार्यक्रम के पहले चरण में 5,000 पुस्तकों का दान किया जाएगा, वहीं अगले तीन महीनों में 30,000 पुस्तकों तक का संग्रह बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। यह अभियान न केवल किताबों की संख्या बढ़ाएगा बल्कि युवाओं और विद्यार्थियों को पढ़ने की आदत से भी जोड़ने का प्रयास करेगा।
इसके साथ ही लाइब्रेरी में आधुनिक सुविधाओं की स्थापना भी की जाएगी। इसमें डिजिटल संसाधन, कैटलॉगिंग सिस्टम और पाठकों के लिए बेहतर माहौल जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। कार्यक्रम में सामुदायिक सहभागिता को भी प्रमुख स्थान दिया जाएगा, जिसके तहत जन-संवाद और पुस्तक चर्चाओं का आयोजन होगा।

सांसद प्रवीण खंडेलवाल का कहना है कि यह पहल केवल एक पुस्तकालय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ज्ञान, संस्कृति और समुदाय को एकजुट करने का अभियान है। उन्होंने कहा, “हमें अपनी ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित रखते हुए नई पीढ़ी को उनके महत्व से जोड़ना होगा। पुस्तकालय पुनर्जागरण इस दिशा में एक सशक्त कदम है।”
शिक्षक दिवस जैसे विशेष अवसर पर शुरू होने वाला यह कार्यक्रम शिक्षा जगत और समाज के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण बनेगा। उम्मीद है कि आने वाले समय में यह पहल अन्य पुस्तकालयों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी एक आदर्श मॉडल का काम करेगी।












