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शिक्षक दिवस डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर क्यों और कैसे मनाया जाता है Teachers Day

शिक्षक दिवस डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर क्यों और कैसे मनाया जाता है Teachers Day

शिक्षक दिवस डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर क्यों और कैसे मनाया जाता है Teachers Day

नई दिल्ली, 5 सितंबर।

भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस (Teachers Day) मनाया जाता है। यह दिन सिर्फ देश के दूसरे राष्ट्रपति और महान दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती ही नहीं है, बल्कि उन सभी शिक्षकों को सम्मान देने का अवसर है, जिन्होंने समाज और राष्ट्रनिर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विज्ञान भवन, नई दिल्ली में देशभर के शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया। इस मौके पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद रहे। यह सम्मान शिक्षकों के नवाचार और शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है।

शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है?

जब डॉ. राधाकृष्णन भारत के राष्ट्रपति बने, तो उनके छात्रों और दोस्तों ने उनसे जन्मदिन मनाने की अनुमति मांगी थी। उन्होंने कहा था—
“यदि मेरा जन्मदिन मनाने के बजाय इस दिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए तो मुझे गर्व होगा।”
तभी से 5 सितंबर को हर साल शिक्षक दिवस मनाने की परंपरा शुरू हुई।

दुनिया में शिक्षक दिवस, Teachers Day

भारत – 5 सितंबर (डॉ. राधाकृष्णन की जयंती)

यूनेस्को/अंतरराष्ट्रीय स्तर पर – 5 अक्टूबर (World Teachers Day)

चीन – 10 सितंबर

अमेरिका – मई महीने का पहला

यह दर्शाता है कि चाहे तारीखें अलग हों, लेकिन उद्देश्य एक ही है—शिक्षक को समाज का मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत मानना।

भारत में शिक्षक दिवस कैसे मनाया जाता है?

स्कूल-कॉलेजों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, भाषण और कविताएँ प्रस्तुत की जाती हैं।

विद्यार्थी शिक्षकों का आशीर्वाद लेते हैं और कभी-कभी शिक्षक की भूमिका भी निभाते हैं।

सरकार और विभिन्न संस्थान इस दिन उत्कृष्ट शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार देकर सम्मानित करते हैं।

शिक्षक का महत्व

भारतीय संस्कृति में गुरु को हमेशा माता-पिता से भी ऊपर दर्जा दिया गया है। यही कारण है कि शिक्षक दिवस सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक परंपरा का उत्सव है।

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