NIA ने कोर्ट परिसर से पकड़ा
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में हरियाणा के नूंह जिले के रहने वाले एक एडवोकेट को गिरफ्तार किया है। आरोपी गुरुग्राम की अदालत में प्रैक्टिस करता था और इसी दौरान वह कथित रूप से पाकिस्तानी हैंडलर से संपर्क में था। जांच में सामने आया है कि वह संवेदनशील सूचनाएं, न्यायिक गतिविधियों से जुड़े विवरण और कुछ स्थानीय प्रशासनिक जानकारियाँ गुप्त रूप से पाकिस्तान भेज रहा था।
NIA अधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से आरोपी पर निगरानी रखी जा रही थी। तकनीकी सर्विलांस के दौरान उसके फोन से हुई कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल चैट और इंटरनेट गतिविधियों में ऐसे कई संदेश मिले, जिनसे विदेशी एजेंसियों से संपर्क के पुख्ता संकेत मिले। चैट के कई हिस्सों में कोर्ट परिसर, अधिकारियों की आवाजाही और विभिन्न दस्तावेजों के बारे में जानकारी साझा की गई थी। इन डिजिटल साक्ष्यों ने एजेंसी को उसकी संलिप्तता पर निर्णायक भरोसा दिलाया।
छापेमारी के दौरान NIA को उसके मोबाइल से हटाई गई फाइलें, कॉल रिकॉर्डिंग और कुछ एन्क्रिप्टेड चैट भी मिलीं, जिन्हें फोरेंसिक टीम रिकवर कर रही है। पूछताछ में शुरुआती तौर पर आरोपी ने कुछ बातों को छिपाने की कोशिश की, पर डिजिटल साक्ष्यों के सामने उसका बचाव कमजोर पड़ गया। जांच एजेंसी का मानना है कि आरोपी पाकिस्तान स्थित एक विशेष हैंडलर के संपर्क में था, जो उसे धीरे-धीरे नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश कर रहा था।
एजेंसी अब जांच कर रही है कि आरोपी ने कितनी अवधि तक संवेदनशील सामग्री साझा की और क्या स्थानीय स्तर पर कोई और व्यक्ति भी इस नेटवर्क से जुड़ा था। आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है, ताकि विस्तृत पूछताछ की जा सके।
गिरफ्तारी के बाद न्यायिक गलियारों में सनसनी फैल गई है, क्योंकि एक सक्रिय वकील का विदेशी एजेंसियों से जुड़ना सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। NIA ने कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।












