हरिद्वार में 2027 के कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अखाड़ों के प्रतिनिधियों और पूज्य साधु-संतों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में मेले की व्यवस्थाओं, बुनियादी ढांचे, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और तीर्थ यात्रियों की सुविधा से जुड़े सभी आवश्यक विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार कुंभ मेला 2027 को भव्य, दिव्य और सुरक्षित बनाने को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि करोड़ों श्रद्धालु यहां से सुखद, सुरक्षित और अविस्मरणीय अनुभव लेकर लौटें।
कुंभ मेला 2027 के प्रमुख स्नानों की घोषणा
कुंभ मेला 2027 के शाही और अमृत स्नानों की तिथियां इस प्रकार तय की गईं:
पहला शाही स्नान – मकर संक्रांति: 14 जनवरी 2027
दूसरा अमृत स्नान – मौनी अमावस्या: 6 फरवरी 2027
बसंत पंचमी – 11 फरवरी 2027
माघ पूर्णिमा – 20 फरवरी 2027
महाशिवरात्रि अमृत स्नान – 6 मार्च 2027
फाल्गुन अमावस्या अमृत स्नान – 8 मार्च 2027
नव संवत्सर अमृत स्नान – 7 अप्रैल 2027
मेष संक्रांति अमृत स्नान – 14 अप्रैल 2027
श्री रामनवमी अमृत स्नान – 15 अप्रैल 2027
चैत्र पूर्णिमा अमृत स्नान – 20 अप्रैल 2027
बैठक में प्रमुख संत और जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित बैठक में विभिन्न अखाड़ों के पूज्य संतों के साथ राज्यसभा सांसद डॉ. कल्पना सैनी, विधायक श्री मदन कौशिक, श्री आदेश चौहान, श्री प्रदीप बत्रा सहित कई अन्य गणमान्य जन भी मौजूद रहे।

अंतिम चरण में व्यापक तैयारियों की होगी समीक्षा
सीएम धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ क्षेत्र में चल रहे सभी विकास कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं। उन्होंने यातायात योजना, पार्किंग प्रबंधन, घाटों की मजबूती, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता और आपातकालीन सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
सरकार ने स्पष्ट किया कि कुंभ मेला 2027 को विश्वस्तरीय आयोजन के रूप में प्रस्तुत करने का लक्ष्य है और इस दिशा में सभी विभाग एकजुट होकर कार्य कर रहे हैं।












