सरकार ने फौरन बहस के लिए अड़े विपक्ष को राज़ी किया
नई दिल्ली: लोकसभा में चुनाव सुधारों (Electoral Reforms) को लेकर चर्चा 9 दिसंबर को आयोजित की जाएगी। यह फैसला संसद में राजनीतिक दलों के बीच वार्ता के बाद हुआ। विपक्ष शुरू में इस मुद्दे पर फौरन बहस कराने के लिए अड़ा हुआ था, लेकिन सरकार ने उन्हें राज़ी कर लिया।
सूत्रों के अनुसार, 8 दिसंबर को पहले सदन में “वंदे मातरम्” पर चर्चा होगी। इसके बाद ही चुनाव सुधारों पर बहस का सिलसिला शुरू होगा। चर्चा में चुनाव प्रक्रिया, ईवीएम और मतदाता सूची सुधार, मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता, और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि चुनाव सुधारों पर चर्चा का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाने और मतदाता विश्वास मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाना है। पिछले कुछ वर्षों में चुनाव प्रक्रिया में सुधारों को लेकर कई सुझाव आए हैं, जिनमें वोटर-वेरिफिकेशन, मतदाता सूची में गलतियों का सुधार, और ईवीएम सुरक्षा प्रमुख हैं।
सरकार ने कहा कि विपक्ष के सुझावों को ध्यान में रखते हुए बहस आयोजित की जाएगी। संसद की कार्यवाही में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी नियमों का पालन किया जाएगा। इसके अलावा, चर्चा के दौरान सदस्यों को पर्याप्त समय और अवसर मिलेगा ताकि सभी दल अपने विचार रख सकें।
लोकसभा सचिवालय ने यह भी बताया कि चर्चा के बाद संसद में चुनाव सुधारों से संबंधित विधेयक पर विचार करने का समय तय किया जाएगा। यह पहल देश में चुनाव प्रक्रिया को और मजबूत और निष्पक्ष बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इस निर्णय से यह संकेत मिलता है कि सरकार और विपक्ष मिलकर चुनाव प्रक्रिया में सुधार लाने के लिए तैयार हैं, जिससे लोकतंत्र की मजबूती और मतदाता विश्वास बढ़ सके।












