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भारी प्रदूषण और स्मॉग का कहर: CPCB रिपोर्ट में दिल्ली की हवा बेहद खराब, AQI करीब 303 दर्ज

राजधानी दिल्ली में एक बार फिर प्रदूषण और स्मॉग ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगभग 303 दर्ज किया गया है, जो “बेहद खराब” श्रेणी में आता है। खराब हवा के कारण बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों पर सबसे अधिक असर पड़ रहा है।

सुबह और शाम के समय राजधानी के कई इलाकों में घना स्मॉग छाया हुआ दिखाई दे रहा है। दृश्यता कम होने के कारण सड़क यातायात भी प्रभावित हो रहा है। प्रदूषण का स्तर बढ़ने से आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत, खांसी और सीने में भारीपन जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। अस्पतालों में सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

CPCB के अनुसार वाहनों का धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ती धूल, औद्योगिक उत्सर्जन और पराली जलाने का धुआं प्रदूषण बढ़ने के मुख्य कारण माने जा रहे हैं। मौसम विभाग का कहना है कि हवाओं की रफ्तार कम होने और नमी बढ़ने के चलते स्मॉग अधिक समय तक बना रह सकता है।

स्वास्थ्य विभाग और प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें, बाहर जाते समय मास्क पहनें और खुले स्थानों पर व्यायाम करने से बचें। बच्चों और बुजुर्गों को खास तौर पर घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है।

सरकार द्वारा ग्रैप (GRAP) के तहत कई प्रतिबंध लागू किए जा चुके हैं, जिनमें निर्माण कार्यों पर रोक, डीजल वाहनों पर नियंत्रण और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर सख्ती शामिल है। इसके बावजूद स्थिति में अभी खास सुधार देखने को नहीं मिला है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द ही मौसम में बदलाव और तेज हवाएं नहीं चलीं, तो आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर और खतरनाक हो सकता है। ऐसे में जनस्वास्थ्य को देखते हुए सख्त कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया है।

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