उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। यहां स्किन डिजीज की नकली दवाएं बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री पकड़ी गई है, जहां नामी-गिरामी फार्मा कंपनियों के लेबल लगाकर दवाओं की पैकेजिंग की जा रही थी। इन नकली दवाओं की सप्लाई दिल्ली-NCR समेत पूरे नॉर्थ इंडिया में की जाती थी।
सूत्रों के अनुसार, ड्रग विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इस फैक्ट्री पर छापा मारा गया। मौके से भारी मात्रा में नकली क्रीम, टैबलेट, सिरप, खाली पैकिंग बॉक्स, लेबल, मशीनें और केमिकल बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कम लागत में घटिया केमिकल का इस्तेमाल कर दवाएं तैयार करते थे, जो त्वचा रोगियों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती थीं।
जांच अधिकारियों ने बताया कि फैक्ट्री संचालक लंबे समय से इस अवैध कारोबार को चला रहे थे। बड़ी कंपनियों के नाम और पैकेजिंग इतनी सफाई से की जाती थी कि आम ग्राहक ही नहीं, कई मेडिकल स्टोर संचालक भी असली और नकली में फर्क नहीं कर पाते थे। यही वजह है कि यह नेटवर्क चुपचाप बड़े स्तर पर फैल गया।
छापेमारी के दौरान कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और सप्लाई चेन किन राज्यों तक फैली हुई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि अब तक कितनी नकली दवाएं बाजार में पहुंच चुकी हैं।
ड्रग विभाग ने मेडिकल स्टोर संचालकों को सतर्क रहने की सलाह दी है और संदिग्ध दवाओं की तुरंत सूचना देने को कहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि नकली स्किन दवाओं के इस्तेमाल से एलर्जी, संक्रमण और गंभीर साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।
यह मामला एक बार फिर दवा बाजार में सख्त निगरानी और नियमित जांच की जरूरत को उजागर करता है। नकली दवाओं का यह कारोबार सीधे तौर पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ है, जिस पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है।












