दिल्ली से एक दर्दनाक और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक युवती की बंद कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस को शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका है। बताया जा रहा है कि युवती हाल ही में अपने कॉलेज के लास्ट ईयर के एग्जाम में फेल हुई थी, जिससे वह मानसिक तनाव में चल रही थी।
जानकारी के अनुसार, युवती दिल्ली में किराए के कमरे में रहती थी। जब काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों और मकान मालिक को शक हुआ। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई, जहां युवती मृत अवस्था में मिली। कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मौके पर संघर्ष के कोई स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं, जिस कारण आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके। पुलिस ने कमरे से मोबाइल फोन और अन्य निजी सामान को भी जांच के लिए कब्जे में लिया है।
परिजनों ने बताया कि युवती पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर थी। लास्ट ईयर की परीक्षा में असफल होने के बाद वह कुछ दिनों से चुपचाप रहने लगी थी। हालांकि, उसने कभी खुलकर आत्महत्या जैसी किसी बात का जिक्र नहीं किया था।
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि परीक्षा में असफलता कई बार युवाओं पर गहरा मानसिक प्रभाव डालती है, खासकर तब जब वे खुद पर अत्यधिक दबाव बनाते हैं। ऐसे मामलों में परिवार और दोस्तों का भावनात्मक सहयोग बेहद जरूरी होता है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और कॉल डिटेल्स के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल मामला संदिग्ध मौत का दर्ज किया गया है और हर एंगल से जांच की जा रही है।
यह घटना एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य और परीक्षा के दबाव को लेकर समाज के लिए गंभीर चेतावनी है कि युवाओं की भावनाओं को समझना और समय पर सहयोग देना कितना जरूरी है।












