दिल्ली सरकार लंबित ट्रैफिक चालान माफ करने के प्रस्ताव पर काम कर रही है,
योजना को उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद कैबिनेट में पेश किया जाएगा।
दिल्ली सरकार सभी लंबित ट्रैफिक चालानों को माफ करने की दिशा में एक विशेष एमनेस्टी स्कीम लाने की तैयारी कर रही है, जिसका प्रस्ताव पहले ही तैयार कर उपराज्यपाल (LG) के पास मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। अगर इस प्रस्ताव को अनुमति मिल जाती है, तो इसे कैबिनेट में औपचारिक रूप से मंजूरी दी जाएगी और योजना लागू की जा सकेगी।
यह पहल उन लंबित ट्रैफिक चालानों को हटाने का मौका दे सकती है, जो वर्षों से चालान बकाया हैं और हजारों वाहनों के मालिकों पर भारी बोझ बने हुए हैं। जानकारी के मुताबिक, इसमें दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक एनफोर्समेंट डिपार्टमेंट द्वारा जारी किए गए चालान शामिल होंगे। अगर यह योजना लागू होती है, तो आम जनता को आर्थिक राहत मिल सकती है और लंबित मामलों का बोझ भी कम हो जाएगा।
सूत्रों ने बताया है कि एमनेस्टी स्कीम के तहत पुराने चालानों को पूरी तरह माफ या कुछ हद तक निपटाया जा सकता है। इससे न केवल चालान बकाया राशि कम हो जाएगी, बल्कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघनों से जुड़े पुराने रिकॉर्ड भी साफ हो सकते हैं। योजना में यह भी प्रस्ताव है कि कितने साल पुराने चालान या किस श्रेणी के चालानों पर राहत दी जाएगी, इस पर कैबिनेट बैठक में विचार होगा।
हालाँकि, अभी तक सरकार की ओर से किसी तय शर्तों या तारीखों के साथ आधिकारिक घोषणा जारी नहीं की गई है, इसलिए यह योजना कब लागू होगी और उसके लिए क्या-क्या शर्तें होंगी, यह निर्णय उपराज्यपाल की मंजूरी और कैबिनेट की बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह एमनेस्टी स्कीम लागू होती है, तो यह राजधानी में बड़े पैमाने पर वाहक मालिकों को राहत देने वाला कदम साबित हो सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जो कई सालों से चालान निपटाने में सक्षम नहीं हुए हैं। वहीं, इससे ट्रैफिक सिस्टम और अदालतों पर पड़ा बोझ भी कम हो सकता है।












