जेद्दा/दुबई।
दुनिया की सबसे ऊंची इमारत का खिताब जल्द ही बदलने वाला है। अब तक यह रिकॉर्ड दुबई की प्रतिष्ठित इमारत बुर्ज खलीफा के नाम दर्ज है, लेकिन सऊदी अरब में बन रहा जेद्दा टावर इस कीर्तिमान को पीछे छोड़ने की ओर बढ़ रहा है। जेद्दा टावर के पूरा होते ही यह दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बन जाएगा।
बुर्ज खलीफा की ऊंचाई 828 मीटर है और इसमें कुल 163 मंजिलें हैं। इसके मुकाबले जेद्दा टावर की प्रस्तावित ऊंचाई 1000 मीटर रखी गई है। यही नहीं, इसमें मंजिलों की संख्या भी बुर्ज खलीफा से अधिक होगी। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह इमारत आधुनिक इंजीनियरिंग और वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण साबित होगी।
80 मंजिलों का काम पूरा
जेद्दा टावर के निर्माण की रफ्तार एक बार फिर तेज हो गई है। अब तक इसकी 80 मंजिलों का काम पूरा किया जा चुका है। सऊदी अरब के अधिकारियों के अनुसार, यदि निर्माण कार्य इसी गति से चलता रहा, तो यह टावर 2028 तक पूरी तरह बनकर तैयार हो सकता है।
2011 में हुई थी घोषणा
जेद्दा टावर के निर्माण की घोषणा वर्ष 2011 में की गई थी। शुरुआत में इसे 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि, सऊदी अरब में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों के सामने आने के बाद इस परियोजना का निर्माण कार्य रोक दिया गया। उस समय तक इमारत लगभग 63 मंजिलों तक ही बन पाई थी।
इस साल दोबारा शुरू हुआ निर्माण
कई वर्षों के अंतराल के बाद इस साल जेद्दा टावर का निर्माण कार्य फिर से शुरू किया गया है। सऊदी नेतृत्व इसे देश की वैश्विक पहचान से जोड़कर देख रहा है। यह परियोजना क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के उस विज़न का हिस्सा मानी जा रही है, जिसके तहत सऊदी अरब को आधुनिक, विकसित और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर वाला देश बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
सऊदी अरब की नई पहचान
विशेषज्ञों का मानना है कि जेद्दा टावर न केवल ऊंचाई का नया रिकॉर्ड बनाएगा, बल्कि यह सऊदी अरब की आर्थिक शक्ति, तकनीकी क्षमता और भविष्य की योजनाओं का प्रतीक भी बनेगा। इसके पूरा होने के बाद दुनिया की सबसे ऊंची इमारत का ताज दुबई से सऊदी अरब के नाम हो जाएगा।












