राष्ट्रपति ने सम्मानित किया 20 बाल पुरस्कार विजेताओं को
देश में 2 छोटे बच्चों की वीरता की कहानी ने सभी को भावुक कर दिया। ये दोनों बच्चे अपने साहस और निस्वार्थ भाव से 2 लोगों की जान बचाने में सफल हुए, लेकिन इस बहादुरी के दौरान उन्होंने अपनी जान गंवा दी। उनकी इस अद्भुत बहादुरी को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया और उनके योगदान को याद किया गया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हाल ही में बाल पुरस्कार प्रदान करने के अवसर पर इन बच्चों की वीरता को सम्मानित किया। कुल 20 बच्चों को बाल पुरस्कार से नवाजा गया, जिनमें ऐसे बच्चे शामिल हैं जिन्होंने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने, साहसिक कार्य करने और मानवता के लिए असाधारण योगदान दिया।
राष्ट्रपति ने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि ये पुरस्कार न केवल उनकी उपलब्धियों का सम्मान है, बल्कि अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि युवा पीढ़ी को नैतिक मूल्य, साहस और सेवा भावना को अपनाना चाहिए।
इस अवसर पर बच्चों और उनके परिवारों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि पुरस्कार विजेताओं में कई ऐसे हैं जिन्होंने शिक्षा, खेल, विज्ञान, सामाजिक कार्य और मानव सेवा में उत्कृष्ट योगदान दिया। राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे उदाहरणों से समाज में नैतिकता, जिम्मेदारी और साहस की भावना मजबूत होती है।
इस कार्यक्रम में बच्चों के नामों की सूची भी जारी की गई है, जिसमें उनकी विशिष्ट उपलब्धियों का संक्षिप्त विवरण दिया गया है। पुरस्कार विजेताओं की इस सूची में हर राज्य के बच्चे शामिल हैं, जो अपने क्षेत्र में मिसाल कायम कर रहे हैं।
इस तरह की घटनाओं से यह संदेश जाता है कि बच्चों में भी समाज सेवा, साहस और मानवता के लिए गहरी प्रतिबद्धता हो सकती है। राष्ट्रपति द्वारा इन बच्चों को सम्मानित करना उनकी कर्तव्यनिष्ठा और वीरता को यादगार बनाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।












