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पाकिस्तान में ब्रेन ड्रेन तेज, पेशेवरों के पलायन से संकट गहराया

Pakistan, Brain Drain

पाकिस्तान में पिछले दो वर्षों के दौरान बड़े पैमाने पर ब्रेन ड्रेन देखने को मिला है। हजारों की संख्या में डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य उच्च शिक्षित पेशेवर देश छोड़कर विदेशों में बस गए हैं। इस बढ़ते पलायन ने पाकिस्तान की पहले से कमजोर अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य व तकनीकी ढांचे को गंभीर झटका दिया है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि अब इस संकट की आंच सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर तक भी पहुंचती नजर आ रही है।

सरकारी आंकड़ों और रिपोर्ट्स के अनुसार, आर्थिक अस्थिरता, बेरोजगारी, कम वेतन, महंगाई और राजनीतिक अनिश्चितता के चलते युवा पेशेवर पाकिस्तान में भविष्य नहीं देख पा रहे हैं। खासकर मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसे अहम क्षेत्रों से लोगों का लगातार बाहर जाना चिंता का विषय बन गया है। कई अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी हो गई है, वहीं इंजीनियरिंग और आईटी सेक्टर में भी कुशल मानव संसाधन का अभाव दिखने लगा है।

इस स्थिति ने सरकार और सैन्य नेतृत्व दोनों पर दबाव बढ़ा दिया है। आलोचकों का कहना है कि सत्ता संतुलन में सेना की अत्यधिक दखल और राजनीतिक अस्थिरता ने हालात को और बिगाड़ा है। जनरल आसिम मुनीर, जो वर्तमान में सेना प्रमुख हैं, अब इस संकट को लेकर विपक्ष और विश्लेषकों के निशाने पर हैं। उन पर आरोप लग रहे हैं कि सैन्य प्रभाव के चलते लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर हुईं, जिससे युवाओं का भरोसा टूटा और पलायन तेज हुआ।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह रुझान जारी रहा तो पाकिस्तान को लंबे समय तक स्वास्थ्य सेवाओं, बुनियादी ढांचे और तकनीकी विकास में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। विदेश जाने वाले अधिकतर पेशेवर खाड़ी देशों, यूरोप, अमेरिका और कनाडा का रुख कर रहे हैं, जहां उन्हें बेहतर वेतन और स्थिर भविष्य मिल रहा है।

स्थिति को संभालने के लिए सरकार सुधारों की बात कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर ठोस कदमों की कमी साफ दिखाई देती है। ऐसे में ब्रेन ड्रेन पाकिस्तान के लिए एक गंभीर राष्ट्रीय चुनौती बन चुका है।

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Rudra ji