दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और स्थानीय एजेंसियों के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी और आसपास के 17 क्षेत्रों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 से ऊपर पहुंच गया है। यह स्तर स्वास्थ्य के लिहाज से ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ते प्रदूषण के कारण बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए जोखिम अधिक है। AQI 400 से ऊपर होने का मतलब है कि सामान्य व्यक्ति भी लंबे समय तक बाहर रहने पर स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना कर सकता है।
मौसम विभाग (IMD) ने भी दिल्ली-NCR के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि हवा में प्रदूषण के स्तर में अचानक वृद्धि हो सकती है और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। IMD ने कहा कि ठंड, कोहरा और धुंध के कारण प्रदूषण और बढ़ सकता है। हवा की गति कम होने से स्मॉग का स्तर और ऊँचा हो जाता है, जिससे दृश्यता भी प्रभावित होती है।
विशेषज्ञों ने नागरिकों को सलाह दी है कि बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल करें और बच्चों और बुजुर्गों को बाहर लंबा समय बिताने से बचाएं। इसके अलावा, वायु शुद्धिकरण युक्त उपकरण घर और कार्यालय में काम आ सकते हैं।
सरकारी एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि इस अवधि में वाहनों का कम से कम इस्तेमाल करें, खुले में कचरा और पराली जलाने से बचें। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सतत उपायों की जरूरत है, जैसे उद्योगों में उत्सर्जन कम करना और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल बढ़ाना।
दिल्ली-NCR के लिए यह प्रदूषण की गंभीर चेतावनी है और लोगों से सावधानी बरतने के लिए आग्रह किया गया है।












