नई दिल्ली/ढाका: बांग्लादेश के हाई कमिश्नर रियाज हमीदुल्लाह का अचानक भारत छोड़कर ढाका रवाना होना राजनयिक और मीडिया हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। सूत्रों के अनुसार, यह प्रस्थान रातोंरात हुआ और इसे लेकर दिल्ली में राजनयिक पहलों और राजनीतिक पृष्ठभूमि पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि इस कदम के पीछे बांग्लादेश की विदेश नीति और क्षेत्रीय रणनीति की एक बड़ी योजना हो सकती है। हाल के महीनों में भारत-बांग्लादेश संबंधों में कई संवेदनशील मुद्दे सामने आए हैं, जिनमें सीमा सुरक्षा, व्यापारिक समझौते और सांस्कृतिक सहयोग शामिल हैं। हाई कमिश्नर के अचानक प्रस्थान से यह संकेत मिल सकता है कि ढाका अपनी विदेश नीति में कुछ बदलाव करने की तैयारी में है।
राजनयिक सूत्रों का कहना है कि हमीदुल्लाह का प्रस्थान अनिश्चित परिस्थितियों में भारत में अपनी जिम्मेदारियों को खत्म कर वापस ढाका लौटना हो सकता है। वहीं, कुछ रिपोर्टों में यह भी चर्चा है कि बांग्लादेश नई रणनीति के तहत अपने प्रतिनिधियों की तैनाती और भूमिका में बदलाव कर सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पड़ोसी देश की इस कार्रवाई से भारत-बांग्लादेश संबंधों पर कोई तत्काल असर नहीं पड़ेगा, लेकिन दीर्घकालिक तौर पर यह संकेत हो सकता है कि दोनों देशों को बातचीत और कूटनीतिक संवाद में सतर्क रहने की आवश्यकता है।
राजनयिक और राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, रियाज हमीदुल्लाह की अचानक वापसी सिर्फ एक व्यक्तिगत या प्रशासनिक कारण नहीं हो सकती। इसके पीछे राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा से जुड़े कई पहलू काम कर सकते हैं। दिल्ली और ढाका दोनों ही पक्षों के लिए यह स्थिति ध्यान देने योग्य है।












