अयोध्या में आज आस्था, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर पूरी नगरी राममय हो गई है। सुबह से ही राम मंदिर परिसर और सरयू घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। हर ओर “जय श्रीराम” के जयघोष गूंज रहे हैं और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है।
राम मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रामलला का भव्य श्रृंगार किया गया है। मंदिर को फूलों, दीपों और आकर्षक लाइटिंग से सजाया गया है, जिससे अयोध्या की छटा और भी दिव्य नजर आ रही है। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंचे हैं।
श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष मार्ग, बैरिकेडिंग और मेडिकल सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्रशासन का कहना है कि दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस और स्वयंसेवकों की टीमें लगातार तैनात हैं।
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की यह दूसरी वर्षगांठ श्रद्धालुओं के लिए खास महत्व रखती है। मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अयोध्या न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में भी नई पहचान बना चुकी है। स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
इस अवसर पर संत-महात्माओं और धार्मिक नेताओं ने राम के आदर्शों—मर्यादा, सत्य, करुणा और धर्म—को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। भजन-कीर्तन, रामायण पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए पूरे दिन उत्सव का माहौल बना रहेगा।
कुल मिलाकर, रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर अयोध्या श्रद्धा, आस्था और उल्लास के रंग में रंगी हुई है। यह दिन न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि सांस्कृतिक और राष्ट्रीय चेतना के लिहाज से भी ऐतिहासिक बन गया है।












