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अफगानिस्तान में मानवीय संकट गहराया, भूख-सूखे के बाद बर्फबारी और बाढ़ ने ली जान

Humanitarian Crisis

करीब 2 करोड़ लोग भुखमरी की चपेट में, बर्फबारी और फ्लैश फ्लड से 17 लोगों की मौत

अफगानिस्तान में मानवीय संकट लगातार गहराता जा रहा है। पहले ही भुखमरी और सूखे से जूझ रहे देश में अब भीषण बर्फबारी और अचानक आई फ्लैश फ्लड लोगों के लिए काल बन गई है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इन प्राकृतिक आपदाओं के कारण कम से कम 17 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लाखों लोग एक बार फिर बेघर और असहाय हो गए हैं।

संयुक्त राष्ट्र और राहत एजेंसियों के अनुसार, अफगानिस्तान में इस समय करीब 2 करोड़ लोग गंभीर खाद्य संकट का सामना कर रहे हैं। लंबे समय से चल रहे सूखे ने खेती को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे अनाज उत्पादन में भारी गिरावट आई है। ग्रामीण इलाकों में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं, जहां लोगों के पास न तो पर्याप्त भोजन है और न ही आजीविका के साधन।

इसी बीच कई प्रांतों में अचानक भारी बर्फबारी और बारिश हुई, जिससे पहाड़ी इलाकों में फ्लैश फ्लड आ गया। बाढ़ के पानी ने घरों, सड़कों और पुलों को नुकसान पहुंचाया। कई गांवों का संपर्क कट गया है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में भी दिक्कतें आ रही हैं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

राहत एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द अंतरराष्ट्रीय मदद नहीं पहुंची, तो हालात और भयावह हो सकते हैं। कड़ाके की ठंड, भोजन की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव से आने वाले दिनों में मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। खासतौर पर बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं सबसे ज्यादा जोखिम में हैं।

अफगानिस्तान पहले ही राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक संकट और प्रतिबंधों से जूझ रहा है। ऐसे में प्राकृतिक आपदाओं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक समुदाय से अपील की है कि मानवीय सहायता बढ़ाई जाए, ताकि लाखों लोगों की जान बचाई जा सके।

यह संकट दुनिया के लिए चेतावनी है कि अफगानिस्तान में हालात सामान्य नहीं हैं और वहां के लोगों को तत्काल और निरंतर सहायता की आवश्यकता है।

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Rudra ji