ईरानी नागरिकों ने राजधानी में मौजूदा हालात के खिलाफ प्रदर्शन किया, पुलिस ने शांतिपूर्ण ढंग से भीड़ को हटाया
दिल्ली में ईरान दूतावास के बाहर आज सुबह से एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन देखने को मिला, जब भारत में रह रहे ईरानी नागरिकों ने अपने देश में चल रहे राजनीतिक असंतोष के खिलाफ आवाज़ उठाई। प्रदर्शनकारियों ने मौजूदा शासन के खिलाफ नारे लगाए और लोकतांत्रिक बदलाव की मांग की। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी ईरान के पुराने राष्ट्रीय प्रतीक — किंगडम के झंडे — भी लहराते नजर आए और पूर्व शाह के बेटे रेज़ा पहलवी की तस्वीरें हाथ में रखी थीं, जो आज के विरोध का प्रतीक बन गईं।
प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य ईरान में जारी शासन विरोधी आंदोलन के साथ एकजुटता दिखाना और देश में मौजूदा हालात — जहाँ मानवाधिकार और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर प्रश्न उठ रहे हैं — पर विश्व का ध्यान खींचना था। कुछ वक्त के लिए प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहा, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने ईरान में दमन, इंटरनेट ब्लॉक और उनके परिवारों तक पहुंच न होने जैसे मुद्दों को उजागर किया। कई लोगों ने कहा कि प्रदर्शन का मकसद उन आवाज़ों को आगे लाना था, जिन्हें अपने देश में दबा दिया गया है।
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन बिना अनुमति के आयोजित किया गया था। इसी कारण सुरक्षा बल तुरंत मौजूद हुए और प्रदर्शनकारियों से स्थल खाली करने का अनुरोध किया। पुलिस कार्रवाई शांतिपूर्ण रूप से की गई और भीड़ को हटाया गया, लेकिन किसी गिरफ्तारी या हिंसा की सूचना नहीं मिली। अधिकारियों ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रदर्शन के लिए पहले अनुमति लेना आवश्यक है ताकि सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
यह विरोध प्रदर्शन वैश्विक स्तर पर ईरान में विरोध और असंतोष की लहर का हिस्सा भी माना जा रहा है, क्योंकि दुनियाभर में ईरान के नागरिक अपने देश के राजनीतिक हालात और मानवाधिकार से जुड़ी चिंताओं को लेकर आवाज़ उठा रहे हैं। इसी क्रम में यूरोप और अमेरिका जैसे शहरों में भी ईरानी समुदाय ने प्रदर्शन किए हैं












