“बलि देकर अमीर बनेगा” के डर में तीन दोस्तों ने रची हत्या की योजना, सबूत मिटाने को शव के साथ ऑटो भी जलाया
अंधविश्वास और डर ने एक दोस्ती को खून में बदल दिया। तीन युवकों ने अपने ही एक साथी की हत्या कर दी, क्योंकि उन्हें यह भ्रम हो गया था कि वह अमीर बनने के लिए उनकी बलि दे सकता है। इस आशंका ने इतनी गहरी जड़ें जमा लीं कि उन्होंने पहले हत्या की और फिर सबूत मिटाने के इरादे से शव को ऑटो रिक्शा समेत आग के हवाले कर दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि चारों युवक लंबे समय से एक-दूसरे को जानते थे और अक्सर साथ समय बिताते थे। हाल के दिनों में मृतक के व्यवहार और कुछ बातों को लेकर बाकी तीनों के मन में शक पैदा हुआ। उन्हें लगने लगा कि वह तंत्र-मंत्र और बलि जैसी बातों में यकीन करता है और आर्थिक लाभ के लिए किसी को नुकसान पहुंचा सकता है। इसी डर ने धीरे-धीरे अंधविश्वास का रूप ले लिया।
घटना वाले दिन तीनों ने मृतक को मिलने के बहाने बुलाया। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ा और उन्होंने मिलकर उस पर हमला कर दिया। हत्या के बाद तीनों को लगा कि अगर शव मिला तो वे पकड़े जाएंगे। इसके बाद उन्होंने शव को एक ऑटो रिक्शा में रखकर सुनसान जगह पर ले गए और ऑटो समेत आग लगा दी, ताकि पहचान और सबूत नष्ट हो जाएं।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। जली हुई हालत में ऑटो और शव के अवशेष मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। फॉरेंसिक जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और कड़ी पूछताछ में पूरी साजिश सामने आ गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला पूरी तरह अंधविश्वास और मानसिक भय का परिणाम है। आरोपियों के खिलाफ हत्या, साजिश और सबूत मिटाने जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि मृतक के खिलाफ बलि या किसी आपराधिक योजना का कोई ठोस प्रमाण नहीं था।
यह घटना समाज के लिए चेतावनी है कि अंधविश्वास और अफवाहें किस हद तक इंसान को अमानवीय बना सकती हैं।












