देश की VIP सुरक्षा से जुड़ी बटालियन का एक जवान मासूम बच्ची के साथ बर्बरता के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस घटना ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर, बल्कि सुरक्षा बलों की आंतरिक जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि जवान ने नाबालिग बच्ची के साथ क्रूरता की, जिसके बाद उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई। फिलहाल बच्ची अस्पताल में भर्ती है और जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी जवान केंद्रीय सुरक्षा बल की VIP सुरक्षा बटालियन में तैनात है। घटना सामने आने के बाद परिजनों की शिकायत पर तत्काल मामला दर्ज किया गया और प्राथमिक जांच के आधार पर जवान को हिरासत में ले लिया गया। मेडिकल जांच और शुरुआती साक्ष्यों ने आरोपों की गंभीरता को और मजबूत किया है। बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की एक विशेष टीम उसका इलाज कर रही है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है और यह भी जांच की जा रही है कि घटना के समय वह कहां तैनात था और किन परिस्थितियों में बच्ची उसके संपर्क में आई। इसके साथ ही आरोपी के पिछले रिकॉर्ड और व्यवहार की भी जांच की जा रही है।
इस घटना के सामने आने के बाद समाज में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जिस व्यक्ति पर सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, वही अगर इस तरह के अपराध में शामिल पाया जाता है तो आम नागरिकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। महिला एवं बाल अधिकार संगठनों ने मामले में त्वरित न्याय और कड़ी सजा की मांग की है।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पीड़ित बच्ची के इलाज में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी और परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी। साथ ही, दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि नाबालिगों की सुरक्षा और संस्थागत जवाबदेही को लेकर और कड़े कदम उठाने की जरूरत है। कानून का डर और संवेदनशीलता ही ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगा सकती है।












