दिल्ली के किराड़ी इलाके की बदहाल स्थिति को लेकर ‘आजतक’ की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। वर्षों से गंदगी, जलभराव, टूटी सड़कों और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे किराड़ी को अब राहत मिलने की उम्मीद जगी है। भाजपा नेता प्रवेश वर्मा ने इलाके की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए बड़ा वादा किया है। उन्होंने कहा कि किराड़ी को जिस हालात में लोग ‘नरक’ कहने को मजबूर हैं, उससे एक साल के भीतर मुक्ति दिलाई जाएगी।
प्रवेश वर्मा ने कहा कि मीडिया द्वारा उठाए गए मुद्दे केवल खबर नहीं, बल्कि हजारों लोगों के रोजमर्रा के दर्द की तस्वीर हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि लंबे समय से प्रशासनिक लापरवाही और अव्यवस्थित विकास के कारण किराड़ी के हालात बेहद खराब हो चुके हैं। अब प्राथमिकता के आधार पर सीवर, जल निकासी, सड़क और साफ-सफाई से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
उन्होंने दावा किया कि इलाके में स्थायी ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा ताकि बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या दोबारा न हो। इसके साथ ही कच्ची और टूटी सड़कों को पक्का किया जाएगा तथा नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। प्रवेश वर्मा ने यह भी कहा कि स्थानीय लोगों की शिकायतों को सुनने के लिए विशेष निगरानी तंत्र बनाया जाएगा, जिससे काम की प्रगति पर नजर रखी जा सके।
किराड़ी के निवासियों का कहना है कि वे लंबे समय से नेताओं से केवल आश्वासन ही सुनते आए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर बदलाव नहीं दिखा। ऐसे में इस बार किए गए वादे पर सबकी निगाहें टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि मीडिया में मुद्दा उठने के बाद अब सरकार और जनप्रतिनिधि इसे गंभीरता से लेंगे।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह दिखाया है कि जब जमीनी समस्याएं सामने आती हैं, तो जनदबाव और मीडिया की भूमिका कितनी अहम हो जाती है। अब देखना यह है कि प्रवेश वर्मा का एक साल में किराड़ी की तस्वीर बदलने का वादा कितना धरातल पर उतर पाता है।












