दिल्ली-एनसीआर में हुई झमाझम बारिश और पहाड़ों से चली बर्फीली हवाओं ने राजधानी की आबोहवा को पूरी तरह बदल दिया। करीब तीन महीने बाद दिल्लीवासियों ने साफ और ताजा हवा में सांस ली। लंबे समय से स्मॉग और प्रदूषण की चादर में लिपटी रही दिल्ली में मौसम के इस बदलाव ने बड़ी राहत दी है।
बीते कुछ दिनों से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजधानी और आसपास के इलाकों में लगातार बारिश दर्ज की गई। इसके साथ ही उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी हुई, जिससे ठंडी और नम हवाएं मैदानी इलाकों तक पहुंचीं। इन हवाओं ने वातावरण में जमी धूल और प्रदूषक कणों को दूर करने में अहम भूमिका निभाई।
बारिश के बाद दिल्ली के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में उल्लेखनीय सुधार देखा गया। जहां पहले AQI गंभीर और बेहद खराब श्रेणी में बना हुआ था, वहीं अब यह कई इलाकों में ‘संतोषजनक’ और ‘मध्यम’ स्तर तक पहुंच गया है। सुबह के समय लोगों ने खुले आसमान और दूर तक साफ दिखाई देने वाले दृश्य का अनुभव किया।
मौसम में आए इस बदलाव का असर तापमान पर भी पड़ा है। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जबकि न्यूनतम तापमान भी सामान्य से नीचे चला गया। हालांकि ठंड बढ़ने से लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा, लेकिन प्रदूषण से राहत ने इस ठंड को सहने लायक बना दिया।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आने वाले दिनों में हवाओं की गति बनी रहती है और बीच-बीच में हल्की बारिश होती है, तो दिल्ली की हवा कुछ समय तक साफ रह सकती है। हालांकि, प्रदूषण पर स्थायी नियंत्रण के लिए केवल मौसम पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए वाहन उत्सर्जन, निर्माण गतिविधियों और औद्योगिक प्रदूषण पर सख्त नियंत्रण जरूरी है।
फिलहाल, बारिश और बर्फीली हवाओं ने दिल्लीवासियों को राहत की सांस दी है और शहर की फिज़ा में ताजगी घोल दी है।












