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Russia-Ukraine War: सीजफायर खत्म होते ही रूस का ‘स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन’ फिर शुरू, क्रेमलिन ने दी प्रतिक्रिया

मॉस्को/कीव: रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है। दो दिन के अस्थायी युद्धविराम के खत्म होते ही रूस ने यूक्रेन में अपना ‘विशेष सैन्य अभियान’ दोबारा शुरू करने का एलान कर दिया है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि सीजफायर की अवधि समाप्त होते ही उसकी सेना ने फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है।

रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, 8 मई की मध्यरात्रि से 11 मई की मध्यरात्रि तक लागू रहे युद्धविराम का रूसी सेना ने पूरी तरह पालन किया। हालांकि, मंत्रालय ने यूक्रेन पर इस दौरान 30 हजार से ज्यादा बार संघर्षविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। रूस का दावा है कि यूक्रेनी बलों ने रॉकेट लॉन्चर, तोपखाने और मोर्टार से 859 हमले किए, जबकि 5,800 से अधिक ड्रोन हमले भी दर्ज किए गए।

रूस की सरकारी समाचार एजेंसी के हवाले से बताया गया कि रूसी सेना ने इन हमलों का जवाब देते हुए यूक्रेन की सैन्य चौकियों, यूएवी लॉन्च साइट्स और अन्य रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। जवाबी कार्रवाई में रॉकेट सिस्टम, आर्टिलरी और मोर्टार का इस्तेमाल किया गया।

इस बीच, क्रेमलिन ने शांति प्रक्रिया को लेकर सावधानीपूर्ण रुख अपनाया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रेस सचिव दिमित्री पेसकोव ने कहा कि यूक्रेन में शांति स्थापित करने के लिए जमीनी स्तर पर काफी काम हुआ है, लेकिन किसी ठोस समयसीमा या लक्ष्यों पर बात करना अभी जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि शांति प्रक्रिया अपने अंतिम चरण के करीब हो सकती है, मगर फिलहाल इसकी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की जा सकती।

गौरतलब है कि इससे पहले 7 मई को रूस ने द्वितीय विश्व युद्ध में सोवियत संघ की जीत की 81वीं वर्षगांठ के अवसर पर 8 से 10 मई तक अस्थायी युद्धविराम की घोषणा की थी। इस फैसले को एक प्रतीकात्मक कदम के तौर पर देखा गया था, लेकिन दोनों पक्षों के बीच अविश्वास और आरोप-प्रत्यारोप के चलते यह सीजफायर ज्यादा प्रभावी साबित नहीं हो सका।

विश्लेषकों का मानना है कि युद्धविराम के बावजूद जारी हमलों के आरोप यह संकेत देते हैं कि जमीनी हालात अभी भी बेहद तनावपूर्ण हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में संघर्ष और तेज हो सकता है, जबकि शांति वार्ता की संभावनाएं फिलहाल अनिश्चित बनी हुई हैं।

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