Home » राज्य » जम्मू / कश्मीर = JK » अमरनाथ यात्रा 2025: 2 जुलाई को जम्मू से रवाना होगा पहला जत्था, बाबा बर्फानी के दर्शन को देशभर से श्रद्धालु जुटे

अमरनाथ यात्रा 2025: 2 जुलाई को जम्मू से रवाना होगा पहला जत्था, बाबा बर्फानी के दर्शन को देशभर से श्रद्धालु जुटे

अमरनाथ यात्रा 2025: 2 जुलाई को जम्मू से रवाना होगा पहला जत्था, बाबा बर्फानी के दर्शन को देशभर से श्रद्धालु जुटे

अमरनाथ यात्रा 2025: 2 जुलाई को जम्मू से रवाना होगा पहला जत्था, बाबा बर्फानी के दर्शन को देशभर से श्रद्धालु जुटे

जम्मू: अमरनाथ यात्रा 2025  की तैयारियां जोरों पर हैं। इस पवित्र यात्रा के लिए देशभर से श्रद्धालु जम्मू-कश्मीर पहुंचने लगे हैं। हजारों भक्त बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए उत्साहित हैं। यात्रा का पहला जत्था 2 जुलाई को जम्मू से रवाना होगा, जबकि आधिकारिक रूप से यात्रा 3 जुलाई 2025 से शुरू होकर 9 अगस्त 2025 तक चलेगी।

दो मुख्य मार्गों से होगी यात्रा

श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा के लिए दो मार्गों से दर्शन के लिए जाएंगे:

1. पाहलगाम मार्ग: लगभग 48 किलोमीटर का ट्रैक, जिसमें चंदनवारी, शेषनाग, पंचतरणी होते हुए अमरनाथ गुफा तक यात्रा की जाती है।

2. बालटाल मार्ग: लगभग 14 किलोमीटर का छोटा लेकिन तीव्र चढ़ाई वाला मार्ग, जिससे एक या दो दिन में गुफा तक पहुँचा जा सकता है।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

अमरनाथ यात्रा 2025 के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस, अर्धसैनिक बल की तैनाती की गई है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे सुरक्षा कारणों से कन्वॉय के साथ यात्रा करें। यात्रा मार्ग को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है और इस साल हेलीकॉप्टर सेवाएं बंद रहेंगी।

पंजीकरण और स्वास्थ्य प्रमाण पत्र अनिवार्य

यात्रा में भाग लेने के लिए श्रद्धालुओं को ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। इसके लिए मान्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र भी जरूरी है। 13 से 70 वर्ष के श्रद्धालु ही यात्रा कर सकते हैं।
ऑनलाइन पंजीकरण jksasb.nic.in पर किया जा सकता है।

ठहरने और खाने की व्यवस्था

यात्रा मार्ग में चंदनवारी, शेषनाग, पंचतरणी और अन्य पड़ावों पर रहने और खाने-पीने की सरकारी व निजी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे ऊनी कपड़े, वर्षा से बचाव के साधन, चलने के लिए मजबूत जूते, दवाइयां और पहचान पत्र साथ रखें।

स्वास्थ्य और सावधानियां

अमरनाथ यात्रा कठिन और ऊँचाई वाला ट्रैक है, इसलिए यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे शारीरिक रूप से पूरी तरह फिट होकर ही यात्रा करें। जिन्हें हृदय, अस्थमा, उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियां हैं, उनके लिए यह यात्रा वर्जित है।

बाबा बर्फानी के दर्शन की यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए एक आस्था, साहस और समर्पण की मिसाल है। यदि आप इस वर्ष अमरनाथ यात्रा पर जा रहे हैं, तो सभी नियमों का पालन करें, सुरक्षा का ध्यान रखें और यात्रा का आनंद उठाएं।

शुभ यात्रा! ????

नेशनल कैपिटल टाइम्स

संबंधित समाचार
E-Paper image 2