गणतंत्र दिवस 2026: कर्तव्य पथ पर भारतीय सेना के ‘मूक योद्धा’ करेंगे परेड, दिखेगी अनदेखी ताकत
गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर कर्तव्य पथ पर देशवासियों को भारतीय सेना की एक ऐसी ताकत की झलक देखने को मिलेगी, जिसके बारे में आम तौर पर बहुत कम चर्चा होती है। ये हैं भारतीय सेना के ‘मूक योद्धा’—वे सैनिक और संसाधन जो बिना बोले, बिना शोर किए देश की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं। इस बार गणतंत्र दिवस परेड में इन मूक योद्धाओं को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।
सेना के ‘मूक योद्धा’ शब्द का इस्तेमाल आमतौर पर उन प्रशिक्षित सैन्य कुत्तों, विशेष इकाइयों और तकनीकी संसाधनों के लिए किया जाता है, जो दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने, विस्फोटकों का पता लगाने, आतंकवाद विरोधी अभियानों और सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। ये योद्धा अक्सर पर्दे के पीछे रहकर काम करते हैं, लेकिन उनकी भूमिका कई बार मानव सैनिकों से भी अधिक निर्णायक साबित होती है।
रक्षा सूत्रों के अनुसार, गणतंत्र दिवस 2026 की परेड में सेना की डॉग यूनिट, विशेष ट्रेनिंग से लैस सैन्य कुत्ते और उनसे जुड़े जवानों को एक अलग ब्लॉक के रूप में शामिल किया जाएगा। इसके जरिए आम जनता को यह बताया जाएगा कि आधुनिक युद्ध और आंतरिक सुरक्षा में ये मूक योद्धा कितने जरूरी हैं।
भारतीय सेना के सैन्य कुत्ते अत्याधुनिक प्रशिक्षण से गुजरते हैं। इन्हें विस्फोटक पहचान, ट्रैकिंग, गश्त, आतंकियों की तलाश और आपदा राहत कार्यों में इस्तेमाल किया जाता है। कई अभियानों में इन मूक योद्धाओं ने जवानों की जान बचाई है और दुश्मन के मंसूबों को नाकाम किया है।
कर्तव्य पथ पर इनकी मौजूदगी न केवल सेना की ताकत को दर्शाएगी, बल्कि युवाओं और आम नागरिकों में सेना के प्रति सम्मान और जागरूकता भी बढ़ाएगी। रक्षा मंत्रालय का मानना है कि इस पहल से लोगों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि देश की सुरक्षा केवल हथियारों और सैनिकों से ही नहीं, बल्कि प्रशिक्षण, तकनीक और इन मूक योद्धाओं के सहयोग से भी सुनिश्चित होती है।
गणतंत्र दिवस 2026 की यह झलक परेड को और भी खास बनाएगी। परेड देखने आने वाले लोग पहली बार इतने करीब से भारतीय सेना के इन अनदेखे नायकों को देख सकेंगे। यह प्रस्तुति न केवल गर्व का क्षण होगी, बल्कि देशवासियों को यह याद भी दिलाएगी कि भारत की सुरक्षा में हर भूमिका, चाहे वह बोलती हो या मूक, बराबर की महत्वपूर्ण है।












