दिल्ली-NCR में सुबह की शुरुआत बेहद खराब हालातों के साथ हुई। घने कोहरे के साथ स्मॉग की परत छा जाने से सड़कों पर दृश्यता लगभग शून्य हो गई। कई इलाकों में वाहन चालकों को कुछ मीटर आगे तक भी देखने में दिक्कत हुई, जिससे ट्रैफिक की रफ्तार थम सी गई। प्रमुख सड़कों, फ्लाईओवर और हाईवे पर गाड़ियां रेंगती नजर आईं और कई स्थानों पर जाम जैसी स्थिति बन गई।
हवा की गुणवत्ता भी बेहद चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, अक्षरधाम क्षेत्र में AQI 493 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। इस स्तर की हवा को स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक माना जाता है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए। कई अन्य इलाकों में भी AQI 400 के पार रहा।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, ठंडी हवाओं की कमी, अधिक नमी और प्रदूषक तत्वों के जमाव के कारण फॉग और स्मॉग का असर बढ़ गया है। यही वजह है कि सुबह के समय हालात सबसे ज्यादा खराब रहे। आने वाले दिनों में भी सुबह-शाम इसी तरह की स्थिति बने रहने की संभावना जताई जा रही है।
ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन ने वाहन चालकों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है। फॉग लाइट का इस्तेमाल करने, कम गति से चलने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह के समय बाहर निकलने से बचने, मास्क पहनने और घर के अंदर रहने की हिदायत दी है।
स्कूल जाने वाले बच्चों, ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदूषण और धुंध के इस दोहरे असर ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सर्दियों में दिल्ली-NCR की हवा और यातायात को लेकर ठोस और दीर्घकालिक समाधान की कितनी जरूरत है।












