राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए सरकार ने एक और सख्त कदम उठाया है। अब दिल्ली में पेट्रोल या डीजल भरवाने के लिए वाहन चालकों को आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर जाना होगा। नए नियम का उद्देश्य प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर नियंत्रण लगाना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।
सरकारी निर्देशों के अनुसार, पेट्रोल पंप पर ईंधन भरवाते समय वाहन के वैध कागजात की जांच की जा सकती है। खासतौर पर पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) प्रमाण पत्र पर जोर दिया जा रहा है। जिन वाहनों के पास मान्य PUC नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल-डीजल देने से मना किया जा सकता है।
प्रशासन का कहना है कि सड़कों पर चल रहे बड़ी संख्या में वाहन प्रदूषण का प्रमुख कारण हैं। कई वाहन तय मानकों से अधिक धुआं छोड़ रहे हैं, जिससे एयर क्वालिटी लगातार खराब होती जा रही है। ऐसे में यह कदम प्रदूषण के स्तर को कम करने में मददगार साबित हो सकता है।
पेट्रोल पंप संचालकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमों का सख्ती से पालन कराएं। यदि किसी पंप द्वारा नियमों की अनदेखी की जाती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। वहीं, ट्रैफिक और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े विभाग संयुक्त रूप से निगरानी करेंगे।
वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे समय पर अपने वाहन का पॉल्यूशन टेस्ट कराएं और वैध प्रमाण पत्र हमेशा अपने पास रखें। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कदम अल्पकालिक रूप से असुविधा जरूर पैदा कर सकते हैं, लेकिन लंबे समय में यह दिल्ली की हवा को साफ करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। हालात सामान्य होने तक इस तरह के सख्त कदम जारी रह सकते हैं।












