प्लेन 5 सुरक्षा जांच से गुजरेंगे,
DGCA का नया निर्देश लागू
सर्दियों में बढ़ते कोहरे और कम विजिबिलिटी की चुनौतियों को देखते हुए DGCA ने देशभर के एयरपोर्ट्स पर उड़ान संचालन के लिए नियम कड़े कर दिए हैं। अब किसी भी विमान को घने कोहरे या धुंध की स्थिति में उड़ान भरने से पहले 5 स्तर की अनिवार्य सुरक्षा जांच से गुजरना होगा। पहले एयरलाइंस को केवल एक बार अनुमति लेनी पड़ती थी, जिससे प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल थी। लेकिन नई गाइडलाइन के अनुसार, जैसे-जैसे विजिबिलिटी घटेगी, उड़ानों पर नियम और सख्त होते जाएंगे।
डीजीसीए का कहना है कि यह कदम यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए उठाया गया है, क्योंकि धुंध के कारण रनवे विजिबिलिटी, लैंडिंग-टेकऑफ क्षमता और पायलट की दृश्य जानकारी कम हो जाती है। नई प्रक्रिया के तहत एयरलाइन ऑपरेटर, पायलट, ग्राउंड स्टाफ, ATC और मेंटेनेंस टीमों को अलग-अलग चेकलिस्ट का पालन करना होगा। सभी यात्रियों और चालक दल के लिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विमान तकनीकी रूप से पूरी तरह फिट हो और लो-विजिबिलिटी ऑपरेशन (LVO) के लिए योग्य हो।
पांच अनिवार्य जांचों में सबसे अहम है—विमान का तकनीकी हेल्थ चेक, नेविगेशन सिस्टम की LVO क्षमता का सत्यापन, पायलट की योग्यता और लाइसेंस की पुष्टि, मौसम और विजिबिलिटी रिपोर्ट का रीयल-टाइम मूल्यांकन तथा ATC से अंतिम अनुमति।
एयरपोर्ट रनवे पर भी विशेष लाइटिंग सिस्टम, RVR (Runway Visual Range) माप और कैटेगरी-III उपकरणों की जांच की जाएगी। DGCA ने साफ कहा है कि कोहरा जितना घना होगा, उड़ान की मंजूरी उतनी ही सख्त शर्तों पर दी जाएगी।
नई गाइडलाइन लागू होने के बाद सर्दियों में उड़ानों में देरी बढ़ने की संभावना है, लेकिन DGCA का कहना है कि सुरक्षा प्राथमिकता है और सख्त नियम ही हादसों को रोक सकते हैं।












