France Heatwave News के बीच पेरिस की डिप्टी मेयर ऑड्रे पुलवार का बयान सुर्खियों में है। उन्होंने कहा कि फ्रांस में पड़ रही भीषण गर्मी और उससे हुई मौतों के पीछे अमेरिका की ऐतिहासिक कार्बन उत्सर्जन नीति बड़ी वजह रही है। इस बयान के बाद जलवायु परिवर्तन और वैश्विक जिम्मेदारी पर नई बहस शुरू हो गई है।
ऑड्रे पुलवार ने अमेरिकी मीडिया द्वारा पेरिस में एयर कंडीशनिंग की कमी का मजाक उड़ाए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका लंबे समय तक दुनिया में सबसे बड़े ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जकों में शामिल रहा है और जलवायु परिवर्तन के लिए उसकी बड़ी जिम्मेदारी है।
फ्रांस इस समय रिकॉर्ड गर्मी का सामना कर रहा है। कई क्षेत्रों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। हीटवेव के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
दूसरी ओर वॉल स्ट्रीट जर्नल सहित कुछ अमेरिकी मीडिया संस्थानों ने पुलवार के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि यूरोप को भी बढ़ती गर्मी के अनुरूप बुनियादी ढांचे और एयर कंडीशनिंग जैसी सुविधाओं का विस्तार करना चाहिए।
जलवायु विशेषज्ञों के अनुसार, ग्लोबल वार्मिंग के कारण यूरोप, अमेरिका और एशिया सहित दुनिया के कई हिस्सों में हीटवेव अधिक गंभीर होती जा रही है। वैज्ञानिक लगातार कार्बन उत्सर्जन कम करने और स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।
France Heatwave News ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जलवायु परिवर्तन की जिम्मेदारी किसकी है और इससे निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर कितनी प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि समाधान केवल आरोप-प्रत्यारोप में नहीं बल्कि सभी देशों के साझा प्रयासों में छिपा है।












