देशभर के मजदूरों और कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला: आज से लागू हुए चार नए लेबर कोड
केंद्र सरकार ने देश के सभी मजदूरों और कर्मचारियों के लिए ऐतिहासिक फैसला लेते हुए शुक्रवार से चार नए लेबर कोड लागू कर दिए हैं। इन नए नियमों का मकसद कामगारों को समय पर वेतन, ओवरटाइम पेमेंट, न्यूनतम मजदूरी, महिलाओं को बराबर अधिकार और पूरी सोशल सिक्योरिटी प्रदान करना है।
समय पर सैलरी और सिर्फ 1 साल में ग्रेच्युटी
नए कोड के तहत अब हर कर्मचारी को समय पर वेतन मिलेगा और अनऑथराइज्ड कटौतियों पर पूरी तरह रोक होगी। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब ग्रेच्युटी के लिए 5 साल की सेवा अनिवार्य नहीं होगी—कर्मचारी सिर्फ 1 साल में ही ग्रेच्युटी का फायदा ले सकेंगे।
हर सेक्टर के मजदूरों को न्यूनतम वेतन की गारंटी
नए कानून के अनुसार देशभर के हर सेक्टर में काम कर रहे मजदूरों को नेशनल फ्लोर रेट से जुड़ी न्यूनतम मजदूरी मिलेगी। ओवरटाइम का भुगतान तय समय पर होगा और कंपनियों को पेमेंट से जुड़ी पारदर्शिता बनाए रखनी होगी।
महिलाओं को नाइट शिफ्ट और सभी कैटेगरी में बराबर मौका
महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति होगी, लेकिन उनकी मंजूरी, सुरक्षा और सभी आवश्यक सेफ्टी स्टैंडर्ड्स का पालन अनिवार्य होगा। माइनिंग, हैवी मशीनरी और खतरनाक क्षेत्रों में भी महिलाएं समान अवसर और बराबर वेतन के साथ काम कर सकेंगी। साथ ही, शिकायत निवारण समितियों में महिला प्रतिनिधित्व अनिवार्य किया गया है।
पत्रकारों, फ्रीलांसरों और मीडिया कर्मियों को भी मिलेगा लेबर प्रोटेक्शन
नए लेबर कोड में पत्रकार, डिजिटल मीडिया कर्मी, फ्रीलांसर, डबिंग आर्टिस्ट और कई मीडिया संबंधित पेशों को भी सुरक्षा के दायरे में लाया गया है। अब इन्हें अपॉइंटमेंट लेटर मिलेगा, काम के घंटे नियमबद्ध होंगे और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।












