मध्य प्रदेश बना हरित ऊर्जा का पसंदीदा राज्य: CM मोहन यादव
मध्य प्रदेश : ने हरित ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए खुद को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में खड़ा कर लिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राजधानी भोपाल में सेंटर फॉर मिशन ऑन एनर्जी ट्रांजिशन का शुभारंभ किया। इस मौके पर मैनिट (MANIT) और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले के बीच महत्वपूर्ण एमओयू साइन किया गया, जो आने वाले समय में ऊर्जा अनुसंधान और तकनीकी नवाचार को नई दिशा देगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह गर्व की बात है कि मध्य प्रदेश अब हरित ऊर्जा के क्षेत्र में बहुराष्ट्रीय कंपनियों की पहली पसंद बन रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने ऐसा माहौल तैयार किया है, जहां निवेश, अनुसंधान और नवीन तकनीकों को बढ़ावा मिल रहा है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा, बल्कि रोजगार और प्रशिक्षण के भी नए अवसर युवाओं को प्राप्त होंगे।
सीएम ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि मध्य प्रदेश को नवीकरणीय ऊर्जा का प्रमुख केंद्र बनाया जाए। इस केंद्र के माध्यम से ऊर्जा संक्रमण, स्थायी ऊर्जा समाधान और नई तकनीकों पर शोध एवं कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। साथ ही युवा वैज्ञानिकों और छात्रों को प्रशिक्षण देने पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे वे इस क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल कर सकें।
विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य प्रदेश की यह पहल भारत को वैश्विक स्तर पर हरित ऊर्जा प्रतिस्पर्धा में मजबूती से खड़ा करेगी। यह कदम जलवायु परिवर्तन से निपटने और सतत विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।
हरित ऊर्जा की दिशा में उठाए गए इन प्रयासों से यह साफ़ झलकता है कि मध्य प्रदेश आने वाले समय में न केवल देश, बल्कि दुनिया के लिए भी एक आदर्श मॉडल बन सकता है।