आम आदमी पार्टी (AAP) की नेता रचना यादव की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस सनसनीखेज मर्डर केस में मुख्य आरोपी समेत तीनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने यह गिरफ्तारी बिहार से की, जहां आरोपी लंबे समय से छिपकर रह रहे थे। इस कार्रवाई के बाद हत्याकांड की गुत्थी काफी हद तक सुलझती नजर आ रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रचना यादव की हत्या पूरी तरह से सुनियोजित थी। आरोपी वारदात के बाद लगातार ठिकाने बदल रहे थे, ताकि पुलिस की पकड़ से बच सकें। तकनीकी निगरानी, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और स्थानीय इनपुट के आधार पर पुलिस ने बिहार में दबिश दी और तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में वह शख्स भी शामिल है, जिसे इस हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता बताया जा रहा है।
जांच में सामने आया है कि रचना यादव की सक्रिय राजनीति और स्थानीय स्तर पर बढ़ता प्रभाव कुछ लोगों को खटक रहा था। इसी रंजिश के चलते हत्या की साजिश रची गई। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार और अन्य सबूतों की बरामदगी की प्रक्रिया भी जारी है।
रचना यादव की हत्या के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखने को मिला था। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी। अब गिरफ्तारी के बाद AAP नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को सही दिशा में कदम बताया है, हालांकि उन्होंने दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की भी मांग की है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लाकर स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा। इसके बाद विस्तृत पूछताछ के जरिए हत्या के पीछे के पूरे नेटवर्क और संभावित अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जाएगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
यह हत्याकांड राज्य की राजनीति में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजरें अदालत की आगे की कार्यवाही और पुलिस की चार्जशीट पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो सके कि इस राजनीतिक हत्या के पीछे कौन-कौन शामिल था।












