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पार्टी मंच से संगठन का संदेश: पीएम मोदी ने कार्यकर्ता भाव को बताया ताकत

national president ceremony

राष्ट्रीय अध्यक्ष के पदभार ग्रहण समारोह में पीएम का संबोधन, अनुशासन और समर्पण पर जोर

राष्ट्रीय अध्यक्ष के पदभार ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन ने संगठनात्मक राजनीति का स्पष्ट संदेश दिया। मंच से उन्होंने कहा कि “नितिन नबीन मेरे बॉस हैं और मैं पार्टी का एक कार्यकर्ता हूं”, जो नेतृत्व में विनम्रता, अनुशासन और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। उनके इस वक्तव्य को संगठन के भीतर पद से ऊपर कार्यभाव की भावना के रूप में देखा जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे, कार्यकर्ताओं की भूमिका और लोकतांत्रिक परंपराओं पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की असली ताकत उसके कार्यकर्ता होते हैं, जो बिना किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के विचारधारा के लिए काम करते हैं। पद और दायित्व समय के साथ बदलते हैं, लेकिन सेवा और समर्पण का भाव स्थायी होता है।

पीएम मोदी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने वाले नेतृत्व को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संगठन को निरंतर संवाद, अनुशासन और जनसेवा के मूल मंत्र पर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी की सफलता का आधार सत्ता नहीं, बल्कि जनता का विश्वास है, जिसे बनाए रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं को जमीन से जुड़े रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को समझना, सुनना और समाधान की दिशा में ईमानदार प्रयास करना ही राजनीति का उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने संगठनात्मक एकता पर जोर देते हुए कहा कि मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन लक्ष्य एक होना चाहिए।

पीएम मोदी ने युवाओं और नए कार्यकर्ताओं की भूमिका को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संगठन को नई ऊर्जा और नए विचारों की जरूरत है, ताकि बदलते भारत की अपेक्षाओं पर खरा उतरा जा सके। तकनीक, पारदर्शिता और जवाबदेही को संगठनात्मक संस्कृति का हिस्सा बनाने की बात भी उन्होंने कही।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, प्रधानमंत्री का यह संबोधन केवल औपचारिक भाषण नहीं था, बल्कि संगठन को दिशा देने वाला संदेश था। “मैं कार्यकर्ता हूं” की भावना के जरिए उन्होंने नेतृत्व और जमीनी स्तर के बीच दूरी कम करने का संकेत दिया, जो पार्टी के भीतर अनुशासन और एकजुटता को मजबूत कर सकता है।

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