दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सुरक्षा जांच के दौरान एक यात्री के बैग में कथित तौर पर कंकाल मिलने की सूचना सामने आई। एक्स-रे स्कैनिंग में बैग के अंदर मानव कंकाल जैसी संरचना दिखाई देने के बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सतर्क हो गईं और यात्री को रोक लिया गया।
घटना अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल की बताई जा रही है, जहां नियमित सुरक्षा जांच के दौरान CISF कर्मियों की नजर बैग में मौजूद संदिग्ध वस्तु पर पड़ी। शुरुआती तौर पर मामला बेहद गंभीर प्रतीत हुआ, क्योंकि एक्स-रे इमेज में स्पष्ट रूप से हड्डियों जैसी आकृति नजर आ रही थी। सुरक्षा मानकों के तहत तुरंत बैग को अलग किया गया और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई।
इसके बाद यात्री से पूछताछ की गई, जिसमें उसने बताया कि वह किसी अवैध वस्तु की तस्करी नहीं कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों को भी बुलाया गया। बैग को खोलकर जब बारीकी से जांच की गई, तो सामने आया कि वह असली मानव कंकाल नहीं, बल्कि एक एनाटॉमिकल (शैक्षणिक) मॉडल है।
जांच में पता चला कि यह मॉडल प्लास्टिक और फाइबर से बना हुआ था, जिसे आमतौर पर मेडिकल कॉलेजों, स्कूलों या प्रशिक्षण संस्थानों में पढ़ाई के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यात्री ने संबंधित दस्तावेज भी दिखाए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वह इसे वैध उद्देश्य से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जा रहा था।
अधिकारियों ने पुष्टि की कि मामले में किसी तरह की आपराधिक मंशा नहीं पाई गई। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि इस तरह की संवेदनशील वस्तुएं ले जाते समय पहले एयरलाइन और सुरक्षा एजेंसियों को सूचित करें, ताकि अनावश्यक भ्रम और हड़कंप की स्थिति न बने।
इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया कि हवाई अड्डों पर सुरक्षा जांच कितनी सख्त और सतर्क है। समय रहते जांच होने से न केवल संभावित खतरे को टाला गया, बल्कि एक बड़ी अफवाह फैलने से भी रोक लिया गया।












