प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधन के दौरान कहा, “यहां आने से तीन दिन पहले मैं अयोध्या में था। 25 नवंबर को विवाह पंचमी के पावन दिन अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में धर्म ध्वजा की स्थापना हुई है… राम मंदिर आंदोलन में उडुपी की भूमिका कितनी बड़ी है, यह सारा देश जानता है।”
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि अयोध्या में चल रहे कार्य केवल एक स्थान विशेष का विकास नहीं, बल्कि भारत की आस्था, संस्कृति और सदियों पुराने धरोहर के पुनर्जागरण का प्रतीक हैं। उन्होंने उडुपी की जनता और संतों का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि राम मंदिर आंदोलन में उनका योगदान हमेशा इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।












