ब्रैथ एनालाइजर टेस्ट में पकड़ा गया पायलट, टेकऑफ से पहले ही टली बड़ी अनहोनी
एयर इंडिया के एक पायलट की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसने विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि संबंधित पायलट ने उड़ान से पहले जमकर शराब पी थी। यह मामला तब उजागर हुआ, जब टेकऑफ से ठीक पहले किए गए नियमित ब्रैथ एनालाइजर टेस्ट में पायलट फेल हो गया। समय रहते जांच हो जाने से एक बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार, यह घटना प्री-फ्लाइट मेडिकल जांच के दौरान सामने आई। विमान के उड़ान भरने से पहले डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) के नियमों के तहत पायलट और क्रू मेंबर्स की मेडिकल जांच की जाती है। इसी प्रक्रिया के तहत जब पायलट का अल्कोहल टेस्ट किया गया, तो रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। इसके बाद तुरंत पायलट को ड्यूटी से हटा दिया गया और उड़ान को वैकल्पिक क्रू के जरिए संचालित किया गया।
सूत्रों के मुताबिक, विमान में बड़ी संख्या में यात्री सवार होने वाले थे। यदि समय पर जांच नहीं होती, तो सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी। एयरलाइन प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पायलट के खिलाफ आंतरिक जांच शुरू कर दी है। साथ ही, डीजीसीए को भी घटना की रिपोर्ट भेजी गई है।
नियमों के अनुसार, उड़ान से पहले शराब पीना एक गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में पायलट का लाइसेंस सस्पेंड या रद्द तक किया जा सकता है। पहले भी देश में इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिन पर सख्त कार्रवाई की गई है।
एयर इंडिया की ओर से कहा गया है कि यात्री सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाती है। मामले में जांच पूरी होने के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि विमानन सुरक्षा में थोड़ी सी भी लापरवाही कितनी बड़ी जानलेवा साबित हो सकती है।












