Home » देश » राजधानी में प्रदूषण पर सख्ती, लापरवाह बिल्डरों पर भारी कार्रवाई

राजधानी में प्रदूषण पर सख्ती, लापरवाह बिल्डरों पर भारी कार्रवाई

Construction Sites

धूल–मिट्टी से फैल रहे ज़हर पर सरकार का प्रहार, दर्जनों प्रोजेक्ट बंद

दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए सरकार ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माण स्थलों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के तहत सैकड़ों स्थानों का निरीक्षण किया गया, जिसमें गंभीर लापरवाही सामने आई। धूल नियंत्रण, पानी के छिड़काव, ढकाव और मलबा प्रबंधन जैसे अनिवार्य मानकों का पालन न करने पर सख्त कार्रवाई करते हुए 48 निर्माण स्थलों को सील कर दिया गया और करीब 7 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया।

पर्यावरण विभाग और संबंधित एजेंसियों की संयुक्त टीमों ने राजधानी के विभिन्न इलाकों में औचक जांच की। कई साइटों पर न तो ग्रीन नेट लगी थी और न ही धूल को नियंत्रित करने के लिए पानी का छिड़काव किया जा रहा था। खुले में मलबा फैला हुआ मिला, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों में हवा की गुणवत्ता और अधिक खराब हो रही थी। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे उल्लंघन सीधे तौर पर पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे खतरनाक कणों को बढ़ाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक हैं।

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदूषण फैलाने वालों के प्रति “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई जाएगी। सभी बिल्डरों और ठेकेदारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्माण कार्य के दौरान निर्धारित पर्यावरणीय दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें, अन्यथा उनके प्रोजेक्ट को तुरंत बंद कर दिया जाएगा और भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।

विशेषज्ञों के मुताबिक सर्दियों के मौसम में निर्माण गतिविधियों से निकलने वाली धूल दिल्ली की हवा को और जहरीला बना देती है। ऐसे में यह कार्रवाई राजधानी की वायु गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक जरूरी कदम मानी जा रही है। प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में निगरानी और तेज होगी तथा दोबारा उल्लंघन करने वालों के खिलाफ और कठोर दंड तय किए जाएंगे।

संबंधित समाचार
E-Paper image 2