दिल्ली विधानसभा में ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस का भव्य समापन
दिल्ली विधानसभा में आयोजित ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस का समापन आज गरिमामयी और ऐतिहासिक माहौल में हुआ। दो दिवसीय इस सम्मेलन के समापन सत्र में लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिड़ला, केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर और श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, साथ ही दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष श्री विजेन्द्र गुप्ता सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि दिल्ली केवल देश की राजधानी ही नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और संवाद की परंपरा की आधारभूमि भी है। यहीं से संविधान की आत्मा को स्वर मिला और विचार-विमर्श की संस्कृति ने अपनी सुदृढ़ पहचान बनाई।
कार्यक्रम में यह भी याद किया गया कि वर्ष 1925 में इसी ऐतिहासिक भवन ने उस क्षण को देखा था, जब श्रद्धेय विट्ठलभाई पटेल केंद्रीय विधानसभा के प्रथम भारतीय स्पीकर बने थे। उनका संदेश “राष्ट्र प्रथम, दल द्वितीय और स्वयं सदैव अंतिम” आज भी हर जनप्रतिनिधि के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत बना हुआ है।

सम्मेलन ने दिल्ली की इस गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाते हुए लोकतंत्र को नई ऊर्जा, नई दिशा और मजबूत प्रतिबद्धता दी है। यह आयोजन न केवल दिल्ली के लिए गौरव का अवसर बना, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक यात्रा को भी एक नई प्रेरणा प्रदान करता है।
कार्यक्रम की सफलता पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आयोजन टीम और सभी सहयोगियों को हार्दिक साधुवाद दिया।
दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान देशभर की विधानसभाओं के स्पीकरों ने न केवल विचार साझा किए, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को और सशक्त बनाने के लिए ठोस सुझाव भी दिए। पहले दिन और दूसरे दिन विशेष फोटो सत्र भी हुआ, जिसमें गृह मंत्री श्री अमित शाह, लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिड़ला, और दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष श्री विजेन्द्र गुप्ता सहित सभी माननीय स्पीकर एक साथ नजर आए।